इंदर कुमार, जबलपुर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे को लेकर एक बेहद सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने जबलपुर के वीआईपी इलाके गोलबाजार स्थित करीब 13 हजार वर्गफीट सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाने के साफ निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने इस मामले में जबलपुर कलेक्टर और नगर निगम कमिश्नर को सीधे तौर पर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी सौंपी है।
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22 जून तक कार्रवाई करने का अल्टीमेटम
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने प्रशासन को 22 जून तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी करने का अल्टीमेटम दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा के भीतर इस सरकारी जमीन को पूरी तरह से कब्जामुक्त कराया जाए। इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई 25 जून को तय की गई है।
कांग्रेस पार्षद और अन्य लोगों पर कब्जे का आरोप
यह पूरा मामला शहर के रसूखदारों से जुड़ा हुआ है। कोर्ट में दायर याचिका के मुताबिक गोलबाजार की इस सरकारी जमीन पर वर्तमान कांग्रेस पार्षद और कुछ अन्य रसूखदार लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा करने का आरोप लगाया गया है।
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जयदीप शाह की याचिका पर हुई सुनवाई
यह महत्वपूर्ण निर्देश जबलपुर निवासी जयदीप शाह द्वारा दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए गए। मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस आरसीएस बिसेन की युगलपीठ में हुई। जहां कोर्ट ने सरकारी संपत्तियों पर किसी भी प्रकार के अवैध संरक्षण को बर्दाश्त न करने के संकेत दिए हैं।

