कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने बड़ी पहल की है। पहाड़ों को अतिक्रमण और उत्खनन माफिया से बचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। दरअसल, कोर्ट ने “अस्तित्व पर संकट” करार देते हुए पहाड़ों को संरक्षित करने का आदेश दिया है। ग्वालियर और उसके आसपास की पहाड़ियों पर सिटी फॉरेस्ट बनाया जाएगा।
एमपी हाईकोर्ट ने ग्वालियर में पहाड़ों को अतिक्रमण और उत्खनन माफिया से बचाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान HC ने गुढ़ा समेत आसपास की अन्य पहाड़ियों को संरक्षित करने का सख्त आदेश दिया है। यह फैसला “अस्तित्व पर संकट” को देखते हुए लिखा गया है।
ये भी पढ़ें: MP में सहकारी बैंकों में राजनीतिक नियुक्तियों की तैयारी तेज: अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पदों पर फैसला जल्द, नियुक्तियों के बाद चुनाव कराने की प्लानिंग
HC ने कही ये बात
कोर्ट ने कहा कि पहाड़ों से हरियाली खत्म होने से ग्वालियर के हीट जोन बनने का खतरा, पहाड़ियों का क्षरण पर्यावरण और तापमान पर सीधा असर डाल रहा है। अब ग्वालियर और उसके आसपास की पहाड़ियों पर सिटी फॉरेस्ट बनाया जाएगा। वहीं सिटी फॉरेस्ट के क्रियान्वन के लिए हाईकोर्ट ने कमेटी बनाने का भी निर्देश दिया है।
कलेक्टर की अध्यक्षता में कमेटी-15 दिन में बैठक कर समीक्षा
यह कमेटी कलेक्टर की अध्यक्षता में बनाई जाएगी। जिसमें कलेक्टर के अलावा SP, नगर निगम कमिश्नर, खनन विभाग, कृषि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ, आयुर्वेद विशेषज्ञ, पशु चिकित्सक, वन अधिकारी और एएजी विवेक खेड़कर के साथ ही एडवोकेट रविंद्र दीक्षित समन्वयक शामिल किए गए है। यह कमेटी 15 दिन में बैठक कर समीक्षा करेगी।

