भुवनेश्वर: ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के बरमुंडा स्थित बाबासाहेब भीमराव अंबेदकर बस टर्मिनल (BSABT) परिसर में सोमवार देर रात एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. एक नाबालिग लड़की समेत तीन महिलाओं को उनकी मर्जी के खिलाफ जबरन जिले से बाहर ले जाया जा रहा था, लेकिन वे किसी तरह तस्करों के चंगुल से भाग निकलीं और बस टर्मिनल के सुरक्षाकर्मियों की मदद से उन्हें सुरक्षित बचा लिया गया. इस घटना के बाद व्यस्त बस टर्मिनल परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया था.

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, एक आश्रम से जुड़े गैर-सरकारी संगठन (NGO) के कुछ सदस्य इन महिलाओं को जबरन कहीं ले जा रहे थे. अनहोनी की आशंका भांपते ही महिलाएं उनके चंगुल से चालाकी से भाग निकलीं और मदद के लिए बस टर्मिनल के अंदर दौड़ पड़ीं. खुद को पकड़े जाने से बचाने के लिए वे टर्मिनल के अलग-अलग हिस्सों में भागती रहीं और वहां खड़ी बसों के नीचे व पास की गलियों में छिपने का प्रयास करने लगीं. इस दौरान NGO से जुड़ी कुछ महिला कर्मचारियों को पीड़ितों का पीछा करते देख यात्रियों और वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों का ध्यान इस ओर गया और वे सतर्क हो गए.

टर्मिनल के मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महिलाओं को ढूंढ निकाला और उन्हें सुरक्षित बचाकर बरमुंडा बस टर्मिनल पुलिस चौकी को सौंप दिया. शुरुआती पूछताछ के दौरान पीड़ितों ने सुरक्षाकर्मियों को बताया कि उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध जबरन ले जाया जा रहा था. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने बाद में तीनों को एक शॉर्ट-स्टे होम में भेज दिया है.

इस संवेदनशील मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है. घटना की सच्चाई का पता लगाने और आरोपियों की पहचान करने के लिए बस टर्मिनल और उसके आस-पास के इलाकों में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस जबरन बंधक बनाने या अपहरण के प्रयास के पीछे कौन से लोग और कौन सा संगठन शामिल है. इस व्यस्त सार्वजनिक स्थल पर सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई की वजह से आज एक बड़ी अनहोनी टल गई.