अजय सैनी, भिवानी. हिसार मामले पर सियासी ताप बढ़ता जा रहा है। भिवानी पहुँचे दिग्विजय चौटाला ने कहा कि अब यह संघर्ष लंबा चलेगा और इसके लिए गांव, परिवार, पंचायतों, खापों और किसान संगठनों का समर्थन जुटाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भिवानी में भी पुलिस ने उनका पीछा किया।

हिसार में छात्र आंदोलन को लेकर जेजेपी नेताओं और पुलिस के बीच विवाद सुलझने के बजाय और उलझता जा रहा है, जिससे सियासत भी गरमा गई है। इसी के तहत जेजेपी ने 27 अप्रैल को हिसार में “छात्र न्याय महापंचायत” बुलाने का ऐलान किया है। इस कार्यक्रम का न्योता देने के लिए दिग्विजय चौटाला भिवानी में बैठक करने पहुंचे थे। हिसार घटना के बाद पहली बार भिवानी आए चौटाला ने कहा कि यह लड़ाई एक-दो दिन की नहीं, बल्कि लंबी होगी।

उन्होंने कहा कि सरकार को सबक सिखाने और उसकी नींव हिलाने के लिए संगठन को मजबूत किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा जांच के आश्वासन पर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि मामूली नुकसान पर तुरंत एफआईआर दर्ज हो जाती है, लेकिन गंभीर आरोपों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने यह भी सवाल किया कि आधी रात को छात्रों को उठाने वाली टीम का नेतृत्व करने वाला डीएसपी ही एसआईटी का प्रमुख कैसे हो सकता है। इससे निष्पक्ष जांच पर सवाल खड़े होते हैं। दिग्विजय चौटाला ने दावा किया कि भिवानी आते समय बिना नंबर प्लेट और काले शीशों वाली गाड़ियों ने उनका पीछा किया। इस संबंध में उन्होंने पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि जब उनकी टीम ने वीडियो बनाना शुरू किया तो संदिग्ध गाड़ियां बामला गांव की ओर मुड़ गईं।

अरविंद केजरीवाल से मुलाकात को लेकर उन्होंने कहा कि यह एक औपचारिक मुलाकात थी और भाजपा के खिलाफ मिलकर रणनीति बनाने पर चर्चा हुई। वहीं, किसान नेता राकेश टिकैत के बयान पर उन्होंने कहा कि उनकी सलाह के अनुसार वे गांव-गांव जाकर समर्थन जुटाएंगे।

परिवार को लेकर उन्होंने कहा कि पूरा चौटाला परिवार एकजुट है और सभी ने हिसार की घटना को गलत ठहराया है। उन्होंने संकेत दिए कि आने वाले समय में परिवार, खापों और किसान संगठनों को साथ लेकर बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा। इससे साफ है कि यह मुद्दा फिलहाल थमने वाला नहीं है और आने वाले दिनों में और बड़ा रूप ले सकता है।