काजल, हिसार. नगर निगम हिसार में कर्मचारियों की हड़ताल और धरना लगातार जारी है। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा की हिसार इकाई के कर्मचारियों ने गुरुवार को हड़ताल के 8वें दिन भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। हड़ताल के चलते निगम का ऑफिस और फील्ड का कामकाज प्रभावित रहा, वहीं शहर में सफाई व्यवस्था भी चरमराई हुई है।


कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने पहले हुई 13 दिन की हड़ताल के दौरान उनकी मांगों को मानने और 30 जून तक मांगों से संबंधित पत्र जारी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक मांगों को लागू नहीं किया गया। इसी के विरोध में कर्मचारियों ने दोबारा हड़ताल शुरू की है।

कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने समेत प्रमुख मांगें

नगर पालिका कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के मुताबिक उनकी प्रमुख मांगों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, ठेका प्रथा खत्म करना, डोर-टू-डोर कर्मचारियों को न्यूनतम 30 हजार रुपये वेतन देना और पुरानी पेंशन बहाल करना शामिल है।

नगर निगम प्रधान सुरेंद्र उर्फ गोलू ने कहा कि कर्मचारियों ने पहले भी सरकार के साथ बातचीत की थी। 13 मई को हुए समझौते में 22 में से 17 मांगों को मानने की बात कही गई थी और 30 जून तक संबंधित पत्र जारी करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को मजबूरी में हड़ताल करनी पड़ रही है। अगर सरकार ने इस बार भी मांगें नहीं मानीं तो कर्मचारियों की लड़ाई आर-पार की होगी।

कांग्रेस ने दिया हड़ताल को समर्थन

हड़ताल के दौरान कांग्रेस के लीगल सेल के प्रदेश अध्यक्ष लाल बहादुर खोवाल समेत नागरिक अधिकार मंच के अध्यक्ष अनिल शर्मा और नरेश गौतम कर्मचारियों के समर्थन में धरना स्थल पर पहुंचे। लाल बहादुर खोवाल ने कहा कि सफाई कर्मचारी शहर को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके बिना शहर की सफाई व्यवस्था की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों की जायज मांगों को तुरंत पूरा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कर्मचारियों के साथ समझौते करने के बाद पीछे हटना दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में उनके साथ खड़ी है।

हड़ताल से सड़कों पर जमा हुआ कचरा

कर्मचारियों की हड़ताल के कारण हिसार में सफाई व्यवस्था पर असर पड़ा है। कर्मचारी नेताओं का दावा है कि बड़ी मात्रा में कचरा सड़कों पर जमा हो गया है। उन्होंने इसके लिए शहरवासियों से भी माफी मांगी और कहा कि हड़ताल कर्मचारियों का शौक नहीं बल्कि मजबूरी है। कर्मचारियों का कहना है कि कई कर्मचारी 15 साल से ठेके पर काम कर रहे हैं और उन्हें बेहद कम वेतन मिल रहा है। नगर पालिका कर्मचारी संघ ने हड़ताल को 15 अगस्त तक जारी रखने का ऐलान किया है। धरने की अध्यक्षता इकाई सचिव अनिल डोली ने की, जबकि मंच संचालन जिला प्रधान सनी सारसर ने किया।