काजल, हिसार। धार्मिक नगरी हिसार में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा को लेकर उत्साह चरम पर है। बीड़ बबरान युवा समिति की ओर से 19 जुलाई को शहर में सबसे बड़ी रथ यात्रा निकाली जाएगी। इसकी जानकारी देते हुए वैश्य समाज के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने बताया कि इस धार्मिक आयोजन की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।

जगन्नाथ पुरी से आए विग्रह
भगवान जगन्नाथ के विग्रह यानी उनकी पवित्र मूर्तियां विशेष रूप से जगन्नाथ पुरी धाम से हिसार लाई गई हैं। ये मूर्तियां रथ पर सवार होकर पूरे नगर का भ्रमण करेंगी। बजरंग गर्ग ने बताया कि 18 जुलाई को नेत्र उत्सव होगा। इसके बाद 19 जुलाई को सुबह चंदन उत्सव मनाया जाएगा और दोपहर 3 बजे नई अनाज मंडी से विशाल रथ यात्रा का शुभारंभ होगा।
भव्य सजावट और विशेष झांकियां
भगवान जगन्नाथ के रथ को कोलकाता के विशेष कलाकारों द्वारा सजाया जा रहा है। यात्रा में भगवान जगन्नाथ के साथ खाटू श्याम जी की एक विशेष झांकी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। यात्रा के दौरान दिल्ली और बहादुरगढ़ की इस्कॉन पार्टियां और नासिक से आए कलाकार ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचते-गाते चलेंगे। इसके अलावा कई भजन मंडलियां नगर कीर्तन में शामिल होंगी।
स्वागत और सेवा के इंतजाम
शहर भर में यात्रा के स्वागत के लिए सैकड़ों गेट बनाए जा रहे हैं। जगह-जगह पुष्प और इत्र की वर्षा होगी। राहगीरों और भक्तों के लिए खान-पान और जलपान के स्टॉल लगाए जाएंगे। इस दौरान छप्पन भोग का प्रसाद और सवामणि का आयोजन होगा। साथ ही कार्यक्रम में लगातार विशाल भंडारा भी चलेगा।
मंदिर निर्माण का संकल्प
बजरंग गर्ग ने यह भी बताया कि हिसार में भगवान जगन्नाथ का एक मंदिर बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। यह मंदिर श्री सत्यनारायण शिव मंदिर परिसर में बनेगा। उन्होंने बताया कि शास्त्रों के अनुसार भगवान जगन्नाथ माता राधा और श्रीकृष्ण की युगल मूर्ति के प्रतीक माने जाते हैं। 20 जुलाई को सुबह भगवान जगन्नाथ की विदाई बुधला संत मंदिर में की जाएगी। इस मौके पर शहर के कई गणमान्य व्यक्ति और श्रद्धालु मौजूद थे।
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