हिसार। पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति (हरियाणा) ने क्षेत्र में गहराते पेयजल और सिंचाई संकट को लेकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। समिति के राज्य कमेटी सदस्य व हिसार ब्लॉक-2 सचिव अनिल गोरछी ने पानी के मुद्दे पर सरकार को बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
किसान नेता अनिल गोरछी ने कहा कि पहले ही नहरों की टेल (आखिरी छोर) तक पानी नहीं पहुंच रहा है। इसके बावजूद दो नहरों वाले शहर हांसी और जींद को बरवाला ब्रांच से पानी दे दिया गया है। हांसी-जींद के लोग भी हमारे भाई हैं और पानी पर सबका अधिकार है, हमें उन्हें पानी मिलने से कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन इसके लिए हिसार, बालसमंद और सिवानी क्षेत्र की माइनरों (राणा डिस्टीब्यूटर, मिर्जापुर, धांसु, जुगलान, सिवानी, नलवा, बुडाक, गोरछी, बासड़ा व कबीर माइनर) का पानी काटना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि पहले यहाँ 15 दिन पानी चलता था, जो पिछले गलत फैसलों के कारण घटकर 7 दिन रह गया है। अब अगर बरवाला ब्रांच से हांसी-जींद को और पानी दिया गया, तो यहाँ सिर्फ 2 दिन पानी मिल पाएगा, जिससे सैकड़ों गाँव बूंद-बूंद को तरसेंगे और खेत बंजर हो जाएंगे। सरकार को अगर वहां पानी देना है, तो वहाँ के जलघर की क्षमता बढ़ाए और मुख्य सोर्स (पीछे से) पानी की कुल मात्रा बढ़ाए, न कि हिसार का हिस्सा काटे।
गोरछी ने अल्टीमेटम दिया कि यदि जल्द ही पीछे से पानी की मात्रा बढ़ाकर स्थानीय सप्लाई बहाल नहीं की गई, तो जिला स्तर पर बड़ा आंदोलन शुरू होगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन की होगी।
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