शिखिल ब्यौहार/रेणु अग्रवाल, भोपाल/धार। मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक और संवेदनशील भोजशाला परिसर को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। इस मुद्दे को लेकर आज धार शहर में बंद का आह्वान किया गया, जिसका व्यापक असर देखने को मिला। बंद के मद्देनजर शहरभर में पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। इस बीच, हिंदू और मुस्लिम पक्षों की ओर से आई तीखी प्रतिक्रियाओं ने माहौल को और अधिक गर्मा दिया है।

प्रशासन नहीं चाहता शांति, भावनाओं को किया जा रहा आहत

अखिल भारतीय साधु-संत संन्यासी परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष अनिलानंद जी महाराज ने प्रशासन के रवैये पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने व्यवस्थित व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए थे, लेकिन एक ही रास्ते से आवाजाही कराकर आदेशों का मजाक उड़ाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर भोजशाला परिसर में ही नमाज अदा करने की कोशिश की जा रही है, जबकि इसके लिए अलग से जगह उपलब्ध है। अनिलानंद जी महाराज ने कहा कि प्रशासन कोर्ट के फैसलों का सही पालन नहीं कर रहा है और हिंदुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगले 4-5 दिनों में बड़ी संख्या में साधु-संत धार पहुंचेंगे।

मध्यप्रदेश

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अफवाह फैलाकर रचा जा रहा षड्यंत्र, बंद कराने वालों पर हो सख्ती

दूसरी ओर, ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने हिंदू पक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि 700 साल पुरानी मस्जिद को छीनने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के तहत कड़ी सुरक्षा और बैरिकेडिंग के बीच ही तय हिस्से में नमाज अदा की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज किसी के सिर पर चढ़कर नहीं बैठ रहा, बल्कि अफवाहें फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। शमशुल हसन ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार और प्रशासन आपका है, ऐसे में जो लोग जबरन बंद करा रहे हैं, उन पर प्रशासन को डंडे से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

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