हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET) की नई आंसर-की को लेकर राज्य में सियासी विवाद गहरा गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने एनसीईआरटी की किताबों से अलग उत्तर देकर हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य को संकट में डाल दिया है।

चंडीगढ़। हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET) की जारी की गई आंसर-की को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अब कांग्रेस ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए सरकार और हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि बोर्ड ने कई प्रश्नों के ऐसे उत्तर सही घोषित किए हैं, जो एनसीईआरटी (NCERT) की पुस्तकों में दिए गए उत्तरों से मेल नहीं खाते।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अभ्यर्थियों ने लगभग 40 प्रश्नों पर आपत्ति दर्ज कराई है। उनका दावा है कि कई विषयों में बोर्ड की आंसर-की और एनसीईआरटी की पुस्तकों के उत्तर अलग-अलग हैं, जिससे हजारों अभ्यर्थियों के परिणाम प्रभावित हो सकते हैं।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पीजीटी और टीजीटी स्तर की परीक्षाओं में भी कई प्रश्नों के उत्तरों को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। फाइन आर्ट, फिजिकल एजुकेशन, कॉमर्स, अंग्रेजी, हिंदी और रीजनिंग जैसे विषयों में भी अभ्यर्थियों ने बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज कराई हैं।

पार्टी का कहना है कि यदि अभ्यर्थियों की आपत्तियां सही पाई जाती हैं तो यह परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करेगा। कांग्रेस ने मांग की है कि सभी आपत्तियों की निष्पक्ष तरीके से विशेषज्ञ समिति द्वारा समीक्षा कराई जाए और जिन प्रश्नों में त्रुटियां हैं, उन्हें संशोधित कर अभ्यर्थियों के साथ न्याय किया जाए।

उधर, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने अभ्यर्थियों को निर्धारित अवधि तक ऑनलाइन आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया है। बोर्ड का कहना है कि विषय विशेषज्ञों की समिति सभी आपत्तियों की जांच करेगी और यदि कोई आपत्ति सही पाई जाती है तो नियमानुसार आंसर-की में संशोधन कर अभ्यर्थियों की आपत्ति शुल्क भी वापस किया जाएगा।

कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष जांच कर गलतियों को नहीं सुधारा गया तो प्रभावित अभ्यर्थियों के हित में आगे भी आवाज उठाई जाएगी।