हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा के दौरान चरखी दादरी में बिना सील के प्रश्न पत्र बांटने और छपाई में शराब से जुड़ी बड़ी गलतियों का गंभीर मामला सामने आया है।
चरखी दादरी। हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एचटेट) के सफल आयोजन के दावों के बीच एक बेहद हैरान करने वाली बड़ी चूक का सनसनीखेज मामला सामने आया है। परीक्षा केंद्रों से बाहर निकले तमाम नाराज अभ्यर्थियों ने पूरी परीक्षा की निष्पक्षता और इसकी गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परीक्षा देने वाले युवाओं का सीधा आरोप है कि केंद्र के भीतर उन्हें बिना किसी सुरक्षा सील के ही खुले हुए प्रश्न पत्र बांटे गए थे, जिससे HTET Exam Paper Leak Controversy को बढ़ावा मिल रहा है। अभ्यर्थियों ने रोष जताते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि उन्होंने अपने पूरे जीवन में पहली बार किसी महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षा के दौरान इस तरह खुले हुए प्रश्न पत्र देखे हैं।
बिना सील प्रश्न पत्र मिलने से बढ़ा विवाद और छपी अजीबोगरीब गलतियां
इस परीक्षा के प्रश्न पत्र में न केवल सुरक्षा संबंधी लापरवाही देखी गई, बल्कि इसमें प्रिंटिंग और भाषाई अनुवाद को लेकर भी अनेक हास्यास्पद त्रुटियां पाई गई हैं। अभ्यर्थियों के मुताबिक विज्ञान विषय के एक महत्वपूर्ण प्रश्न के अंग्रेजी और हिंदी दोनों विकल्पों में पूरी तरह अलग-अलग अर्थ छपे हुए थे। हद तो तब हो गई जब प्रश्न संख्या 124 में अंग्रेजी भाषा के विकल्प में ‘Increase in Urine Volume’ लिखने की बजाय बड़ी लापरवाही से ‘Increase in Wine Volume’ छाप दिया गया था। हालांकि हिंदी भाषा के विकल्प में इसका सही अर्थ “मूत्र” ही लिखा हुआ था, लेकिन अंग्रेजी में शराब छपने के कारण परीक्षार्थियों के बीच भारी भ्रम की स्थिति बनी रही।
एसडीएम डॉ. वीरेंद्र सिंह ने दिया जांच का भरोसा और कार्रवाई की मांग
इस तकनीकी और भाषाई स्तर की भारी लापरवाही को देखकर प्रभावित अभ्यर्थियों ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से इन सभी त्रुटियों की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही युवाओं ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने और भ्रमित करने वाले प्रश्नों के बदले सभी को समान ग्रेस मार्क्स देने की पुरजोर अपील की है। इस पूरे प्रशासनिक विवाद को लेकर जब स्थानीय उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) डॉ. वीरेंद्र सिंह से बातचीत की गई, तो उन्होंने बताया कि यह पूरा मामला अब उनके संज्ञान में आ चुका है। उन्होंने सभी परीक्षार्थियों को पूरी तरह आश्वस्त किया है कि इस गंभीर विसंगति के बारे में शिक्षा बोर्ड को तुरंत लिखित में अवगत करवाया जाएगा।

