अजय सैनी, भिवानी. हरियाणा में 4 और 5 जुलाई को आयोजित हुई हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा में सामने आई भारी लापरवाहियों और प्रशासनिक अव्यवस्थाओं ने प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा में हुई ढिलाई और अभ्यर्थियों को झेलनी पड़ी प्रताडऩा के खिलाफ विपक्ष ने पूरी तरह से मोर्चा खोल दिया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता धीरज सिंह ने सूबे की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए इस पूरी परीक्षा प्रक्रिया को युवाओं के भविष्य के साथ एक क्रूर मजाक करार दिया है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता धीरज सिंह ने परीक्षा के आयोजन पर गहरा रोष प्रकट करते हुए सैनी सरकार को प्रशासनिक मोर्चे पर पूरी तरह विफल बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अढाई लाख युवाओं ने इस पात्रता परीक्षा के लिए दिन-रात मेहनत की थी, लेकिन सरकार उन्हें एक सुचारू और मानसिक तनाव मुक्त माहौल देने में पूरी तरह नाकाम रही। उन्होंने कहा कि 4 और 5 जुलाई को आयोजित हुई एचटेट परीक्षा में जो कुछ भी हुआ, वह अत्यंत शर्मनाक है। डबल लेयर सिक्योरिटी और एआई निगरानी के बड़े-बड़े दावे करने वाली सैनी सरकार की पोल धरातल पर खुल गई है।

उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों से बाहर आए अभ्यर्थियों और जमीनी इनपुट्स के आधार पर इस बार की एचटेट परीक्षा में केवल प्रशासनिक ही नहीं, बल्कि तकनीकी और अकादमिक स्तर पर भी भारी अनियमितताएं देखने को मिली। कई केंद्रों पर परीक्षार्थियों ने आरोप लगाया कि उन्हें जो प्रश्नपत्र दिए गए, उनकी सील पहले से ही टूटी हुई थी। इसके साथ ही कई जगहों पर गलत ओएमआर शीट बांट दी गईं, जिससे परीक्षा शुरू होते ही केंद्रों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परीक्षा केंद्रों में पूरी तरह से अव्यवस्था का आलम यह था कि कई सेंटर्स पर निर्धारित समय से काफी देरी से प्रश्नपत्र पहुंचे, जिसका खामियाजा सीधे तौर पर मानसिक तनाव के रूप में अभ्यर्थियों को भुगतना पड़ा।

उन्होंने कहा कि परीक्षा के स्तर पर खिलवाड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गणित के सवालों में आंकड़े गलत थे। अंग्रेजी और हिंदी में पूछे गए समान प्रश्नों के अनुवाद में भारी अंतर था, जिससे अभ्यर्थी भ्रमित हो गए। अंग्रेजी व रीजनिंग के प्रश्नों के जो विकल्प दिए गए थे, उनमें जवाब ही गलत थे। वहीं हिंदी के पेपर में बिना वाक्य दिए ही सीधे क्रियाएं पूछ ली गईं, जिससे सही रूप पहचानना नामुमकिन हो गया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता धीरज सिंह ने कहा कि भाजपा शासनकाल में यह कोई पहली घटना नहीं है। हरियाणा में जब भी किसी परीक्षा की तैयारी को लेकर पेपर की तारीख नजदीक आती है, तो उससे पहले ही या तो पेपर लीक हो जाता है या फिर उसे किसी न किसी बहाने रद्द कर दिया जाता है। शिक्षा के नाम पर बच्चों के जीवन और भविष्य से लगातार जो खिलवाड़ किया जा रहा है, उसे प्रदेश की जनता अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।

धीरज सिंह ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि भाजपा सरकार जानबूझकर युवाओं के सामने ऐसी बाधाएं खड़ी करती है ताकि उन्हें रोजगार न देना पड़े। दूर-दराज परीक्षा केंद्र बनाकर महिला अभ्यर्थियों और गरीब परिवारों के बच्चों को आर्थिक व मानसिक रूप से प्रताडि़त किया गया है। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे कुप्रबंधन की उच्च स्तरीय जांच हो और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले दोषियों पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए।