Bihar news: बिहार में चर्चित टेंडर घोटाले की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार सुबह स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।
छापेमारी का विवरण और सुरक्षा व्यवस्था
SVU की टीम ने पटना में आईएएस योगेश सागर और अभिलाषा शर्मा के आवासों पर दबिश दी। योगेश सागर के गर्दनीबाग स्थित आईएएस कॉलोनी आवास (E-2/10) पर सुबह से ही टीम दस्तावेजों को खंगालने में जुटी है। वहीं अभिलाषा कुमारी शर्मा के नेहरू पथ स्थित आवास पर जब टीम पहुंची तो घर पर ताला लगा था। इसके बाद जांच एजेंसी ने अत्यंत सावधानी बरतते हुए स्टाफ के कमरे के रास्ते से घर में प्रवेश किया।
सुरक्षा के लिहाज से इन ठिकानों के बाहर एटीएस (ATS) के जवानों को तैनात किया गया है ताकि कोई अप्रिय स्थिति न बने। छापेमारी के दौरान दोनों आईएएस अधिकारी अपने आवासों पर मौजूद नहीं थे।
अन्य ठिकानों पर भी दबिश
आईएएस अधिकारियों के अलावा, SVU की टीम ने मातृसवा इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक पवन कुमार के एसके विहार कॉलोनी (बेउर) स्थित आवास पर भी धावा बोला। टीम वहां कंपनी के कामकाज और सरकारी टेंडरों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है।
क्या है मामला और अब तक की प्रगति?
आरोप है कि इन अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए रिशु श्री की कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकारी टेंडर आवंटित किए। इसके बदले में उन्हें भारी कमीशन मिलने की बात सामने आई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिपोर्ट और SVU में दर्ज प्राथमिकी के बाद बिहार सरकार ने इन दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया था।
वर्तमान में रिशु श्री पिछले तीन दिनों से पुलिस रिमांड पर है। सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान उसने घोटाले से जुड़ी कई परतें खोली हैं और कई राज उगले हैं। इसी कड़ी में मिले इनपुट के आधार पर आज की छापेमारी को अंजाम दिया गया है। जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि घोटाले की राशि का लेन-देन किस तरह हुआ और इसमें कौन-कौन से अन्य प्रभावशाली लोग शामिल हैं। आने वाले दिनों में जांच का दायरा और अधिक बढ़ सकता है।

