Lifestyle Desk – सावन आते आते ही महिलाओं के बीच मेहंदी लगाने का उत्साह बढ़ जाता है, खासकर राखी और तीज में तो महिलायें मेहंदी जरूर लगाती हैं। हरे रंग की चूड़ियां, सोलह श्रृंगार और हाथों पर खूबसूरत मेहंदी इस त्योहार की खास पहचान हैं। हालांकि, कई बार घंटों मेहनत से डिजाइन लगाने के बाद भी मेहंदी का रंग उम्मीद के मुताबिक गाढ़ा नहीं आता। कुछ लोगों की मेहंदी हल्की नारंगी रह जाती है तो कुछ के हाथों पर रंग जल्दी फीका पड़ने लगता है।

अगर आप भी इस तीज पर हाथों में गाढ़ी और लंबे समय तक टिकने वाली मेहंदी चाहती हैं तो मेहंदी में कुछ खास एसेंशियल ऑयल मिलाने का तरीका आजमा सकती हैं। नीलगिरी, लैवेंडर और टी ट्री जैसे एसेंशियल ऑयल की खुशबू मेहंदी के अनुभव को बेहतर बना सकती है। हालांकि, इन तेलों का इस्तेमाल बहुत सावधानी और सीमित मात्रा में करना जरूरी है।आइए इसके बारे में जानते हैं विस्तार से।
क्यों गहरा होता है मेहंदी का रंग?
मेहंदी की पत्तियों में मौजूद प्रमुख रंगद्रव्य लॉसोन (Lawsone) त्वचा की ऊपरी परत में मौजूद केराटिन के साथ प्रतिक्रिया करके नारंगी से गहरे लाल-भूरे रंग का दाग बनाता है। मेहंदी का अंतिम रंग कई चीजों पर निर्भर करता है—मेहंदी की गुणवत्ता, त्वचा का तापमान, मेहंदी को कितनी देर लगाया गया और उसके बाद हाथों की किस तरह देखभाल की गई। मेहंदी के पेस्ट में कुछ एसेंशियल ऑयल मिलाने की परंपरा भी है। माना जाता है कि कुछ तेलों में मौजूद सुगंधित यौगिक मेहंदी के रंग के विकास में मदद कर सकते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ज्यादा तेल डालने से रंग उतना ही ज्यादा गहरा होगा।
नीलगिरी और लैवेंडर ऑयल का कर सकते हैं इस्तेमाल
नीलगिरी और लैवेंडर जैसे एसेंशियल ऑयल का इस्तेमाल मेहंदी के पेस्ट में बहुत कम मात्रा में किया जाता है। इनकी तेज खुशबू मेहंदी को एक अलग सुगंध देती है और कुछ लोगों के अनुभव में रंग भी बेहतर विकसित होता है। लेकिन एसेंशियल ऑयल सीधे त्वचा पर लगाने से जलन या एलर्जी हो सकती है। इसलिए मेहंदी के पेस्ट में भी इसकी मात्रा सीमित रखना जरूरी है। पहली बार इस्तेमाल करने वालों को पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना चाहिए।
टी ट्री ऑयल इस्तेमाल करते समय बरतें सावधानी
टी ट्री ऑयल भी मेहंदी के साथ इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन यह कुछ लोगों की त्वचा पर जलन पैदा कर सकता है। खासकर संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को इसका इस्तेमाल करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। बच्चों या बहुत संवेदनशील त्वचा पर बिना विशेषज्ञ की सलाह के एसेंशियल ऑयल का इस्तेमाल न करें।
सिर्फ तेल ही नहीं, इन बातों का भी रखें ध्यान
गाढ़े रंग के लिए मेहंदी को हाथों पर पर्याप्त समय तक लगा रहने देना जरूरी है। मेहंदी सूखने के बाद उसे तुरंत पानी से धोने के बजाय धीरे-धीरे रगड़कर हटाना बेहतर होता है। मेहंदी हटाने के तुरंत बाद हाथों को बार-बार पानी में डालने से भी बचें। अगले कुछ घंटों में रंग धीरे-धीरे गहरा होकर लाल-भूरा हो सकता है। एक जरूरी बात यह भी है कि ‘ब्लैक हिना’ या बहुत जल्दी काला रंग देने वाली मेहंदी से बचें। इनमें पीपीडी (PPD) जैसे केमिकल मिलाए जा सकते हैं, जो त्वचा पर गंभीर एलर्जिक रिएक्शन पैदा कर सकते हैं। इस तीज पर अगर मेहंदी का रंग गाढ़ा चाहिए तो अच्छी गुणवत्ता वाली प्राकृतिक मेहंदी चुनें, एसेंशियल ऑयल का इस्तेमाल सोच-समझकर करें और त्वचा की संवेदनशीलता को नजरअंदाज न करें।


