हांसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 17 जुलाई को जींद में प्रस्तावित रैली से ठीक पहले हांसी जिले के चानोत गांव में पेयजल आंदोलन को लेकर हलचल तेज हो गई है। पिछले 61 दिनों से धरने पर बैठे ग्रामीणों के बीच बुधवार को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर पहुंचे और धरना समिति के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनकी मांगों पर चर्चा की।

मनोहर लाल के साथ हरियाणा सरकार के मंत्री रणबीर गंगवा, राज्यसभा सांसद सुभाष बराला और हांसी के विधायक विनोद भयाना भी मौजूद रहे। बैठक में ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या और उसके समाधान को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

चानोत गांव के ग्रामीण भाखड़ा पाइपलाइन से टी-कनेक्शन के माध्यम से स्थायी पेयजल आपूर्ति की मांग को लेकर पिछले 61 दिनों से धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि गांव में पानी की समस्या वर्षों पुरानी है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया।

गौरतलब है कि धरना समिति ने पहले ही ऐलान किया था कि यदि 17 जुलाई से पहले उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो ग्रामीण जींद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में पहुंचकर सीधे प्रधानमंत्री के सामने अपनी समस्या रखेंगे। ग्रामीणों की इस चेतावनी के बाद सरकार की ओर से गतिविधियां तेज हो गईं। इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल का चानोत पहुंचना और आंदोलनकारियों से सीधे संवाद करना काफी अहम माना जा रहा है।

हालांकि बैठक के बाद मांगों पर क्या सहमति बनी या सरकार की ओर से क्या आश्वासन दिया गया, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या प्रधानमंत्री की रैली से पहले सरकार चानोत के ग्रामीणों की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का समाधान निकाल पाती है या आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।