शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग ने सरकारी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से जुड़ी शिकायतों के निराकरण को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अब प्राचार्य और क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक शिकायतों का निराकरण नहीं कर सकेंगे। इन शिकायतों की जांच और निपटारा करने का अधिकार सिर्फ जिला कलेक्टर और कमिश्नर को दिया गया है।उच्च शिक्षा विभाग ने सभी क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालकों और सरकारी कॉलेजों के प्राचार्यों को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि यूनिवर्सिटी और कॉलेज से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर उन्हें स्वयं जांच या निराकरण करने का अधिकार नहीं है। ऐसी सभी शिकायतों को कलेक्टर और कमिश्नर की कमेटी ही जांच कर निराकरण करेगी।
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विभाग ने आदेश में स्पष्ट किया है कि पहले शिकायत मिलने पर प्राचार्य और क्षेत्रीय संचालक ही विश्वविद्यालय तथा छात्रों की शिकायतों का निपटारा करते थे। अब इस प्रक्रिया को बदल दिया गया है। यह आदेश उच्च शिक्षा विभाग द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों को जारी किया गया है। विभाग का मानना है कि शिकायतों के निष्पक्ष और पारदर्शी निराकरण के लिए यह व्यवस्था बेहतर होगी।
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सरकारी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्रों, शिक्षकों तथा अन्य पक्षों से विभिन्न प्रकार की शिकायतें आती रहती हैं, जिनमें प्रशासनिक, शैक्षणिक और अनुशासन संबंधी मामले शामिल होते हैं। नए आदेश से इन शिकायतों को अब जिला और संभाग स्तर के उच्च अधिकारियों के पास भेजा जाएगा। यह फैसला उच्च शिक्षा में पारदर्शिता बढ़ाने और शिकायत निवारण प्रक्रिया को और मजबूत बनाने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।


