दुर्गेश राजपूत, नर्मदापुरम। विवेकानंद घाट पर ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत सफाई करने पहुंचे शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह से लल्लूराम डॉट काम ने क्षेत्र के दो बड़े मुद्दों पर तीखे सवाल किए। ​पिपरिया के बहुचर्चित छात्रवृत्ति गबन मामले में डेढ़ साल बाद भी दोषियों पर FIR न होने और “क्या दोषियों को बचाया जा रहा है?” के सवाल पर शिक्षा मंत्री ने कहा, मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है, मैं इसकी जानकारी लेकर जांच करवाता हूं।” वहीं, पचमढ़ी के अधूरे पड़े सांदीपनि स्कूल पर उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि वह केंट का एरिया है। केंट बोर्ड से परमिशन की बात चल रही है, अनुमति मिलते ही स्कूल का काम शुरू करा दिया जाएगा।

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विकास की गाड़ी 4-5 महीने में ही ठप

​कहते हैं नाम बदलने से किस्मत बदलती है, लेकिन प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी के सरकारी स्कूल की किस्मत नहीं बदली। कभी ‘शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय’ रहने वाले इस स्कूल को पहले ‘सीएम राइज’ और अब ‘सांदीपनि विद्यालय’ का नया बोर्ड मिल गया, लेकिन छत आज भी वही पुरानी और जर्जर है। ​साल 2023 में क्षेत्रीय विधायक और पूर्व सांसद द्वारा भारी भीड़ के बीच नई बिल्डिंग का भूमि पूजन किया गया था। अभिभावकों को उम्मीद थी कि बच्चों को कॉन्वेंट जैसी सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन विकास की गाड़ी 4-5 महीने में ही ठप हो गई।

सिर्फ बोर्ड बदलने से शिक्षा नहीं सुधरेगी

आज वहां निर्माण कार्य बंद है और सिर्फ सन्नाटा पसरा है। प्रदेश के अन्य हिस्सों में सीएम राइज इमारतें बनकर तैयार हैं, लेकिन यहां छात्र पपड़ी छोड़ती दीवारों के बीच बैठने को मजबूर हैं। डरे हुए अभिभावकों का कहना है कि सिर्फ बोर्ड बदलने से शिक्षा नहीं सुधरेगी, प्रशासन खोखले वादे कर उन्हें गुमराह कर रहा है। अब देखना होगा कि मंत्री जी के दखल के बाद छात्रों को यह आधुनिक सौगात कब तक मिलती है।

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