भारतीय सेना जल्द ही अपनी ताकत बढ़ाने के लिए 840 नए कामिकेज ड्रोन हासिल करनेवाली है. भारतीय सेना को अपनी मारक क्षमता बढ़ाने के लिए 1600 करोड़ रुपये के इस टेंडर के लिए टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और निबे डिफेंस को चुना है. टाटा कंपनी अब सेना को ड्रोन सप्लाई करने की बड़ी जिम्मेदारी निभाने जा रही है. नई ‘ड्रोन आर्टिलरी रेजिमेंट्स’ का हिस्सा बनकर दुश्मनों पर सटीक हमले करने में सक्षम होंगे.
इस बड़ी डील में टाटा सबसे बड़ी बोलीदाता (L1) और निबे डिफेंस दूसरी सबसे बड़ी बोलीदाता (L2) बनकर उभरी है. भारतीय सेना जल्द ही अपनी ताकत बढ़ाने के लिए 840 नए कामिकेज ड्रोन हासिल करेगी.
TATA कंपनी ने डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के फील्ड में एक बड़ी बाजी मारते हुए भारत को 840 ड्रोन सप्लाई करने के टेंडर का सबसे बड़ा हिस्सा ‘टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स’ के जरिए मिलने जा रहा है. इस बड़ी डील में टाटा सबसे बड़ी बोलीदाता (L1) और निबे डिफेंस दूसरी सबसे बड़ी बोलीदाता (L2) बनकर उभरी है.
टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स को कुल ऑर्डर का 64% हिस्सा टाटा को मिला है. जबकि निबे डिफेंस को कुल ऑर्डर का 36% हिस्सा उसे मिला है.
टाटा इसके तहत अपनी पूरी तरह से स्वदेशी ‘ALS सीरीज’ के लोइटरिंग सिस्टम की सप्लाई करेगा. दूसरी ओर निबे इसके लिए ‘वायु अस्त्र’ (Vayu Astra) ड्रोन की सप्लाई करेगी.
इस डील की सबसे बड़ी खास बात यह है कि इन ड्रोनों का इस्तेमाल भारतीय सेना की नई बनाई जा रही ‘ड्रोन आर्टिलरी रेजिमेंट्स’ के लिए किया जाएगा. यहां टाटा का सिस्टम पूरी तरह भारतीय (स्वदेशी) है, वहीं निबे का ड्रोन इजरायली तकनीक पर आधारित है.
रक्षा विभाग के सूत्रों से पता चला है कि लगभग ₹1,600 करोड़ के 100 किमी रेंज वाले 840 ‘लोइटरिंग म्यूनिशन’ खरीदने के टेंडर में भारतीय कंपनियां ‘TATA एडवांस्ड सिस्टम्स’ और ‘निबे लिमिटेड’ सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनियों के तौर पर सामने आई हैं.
ये पूरी डील ‘फास्ट-ट्रैक’ रूट के जरिए की जा रही है. इसके तहत दोनों कंपनियों को अगले 6 महीने के भीतर ड्रोन की डिलीवरी शुरू करनी होगी.
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