हेमंत शर्मा, इंदौर। जमीन के सौदे में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी कर करीब दो साल से फरार चल रहे आरोपी को विजय नगर पुलिस ने गुजरात से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर बांसवाड़ा में जमीन दिलाने के नाम पर फरियादी से 1 करोड़ 38 लाख 13 हजार 750 रुपये लेने और कथित तौर पर रकम का गबन करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान राजेश जैन, निवासी मोहन कॉलोनी, उदयपुर रोड, बांसवाड़ा राजस्थान, वर्तमान निवासी अर्जुन अपार्टमेंट, अहमदाबाद, गुजरात के रूप में हुई है।
जमीन का सपना दिखाकर करोड़ों की रकम हासिल करने का आरोप
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बांसवाड़ा में जमीन दिलाने के नाम पर एक ब्रोकर के माध्यम से फरियादी से संपर्क किया। जमीन के सौदे को लेकर भरोसा कायम होने के बाद फरियादी से 1,38,13,750 की राशि हासिल की गई। आरोप है कि रकम लेने के बाद आरोपी ने जमीन का सौदा पूरा नहीं किया और राशि का कथित तौर पर गबन कर लिया। इसके बाद वह फरार हो गया।
दो साल तक पुलिस को चकमा देता रहा
मामला सामने आने के बाद विजय नगर थाने में अपराध क्रमांक 04/25 दर्ज किया गया था। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और विश्वासघात से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज होने के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। करीब दो वर्ष तक फरार रहने के बाद आखिरकार पुलिस ने आरोपी को गुजरात से गिरफ्तार कर लिया।
उदयपुर से अहमदाबाद तक बदले ठिकाने
पुलिस के अनुसार, राजेश जैन का स्थायी पता राजस्थान के बांसवाड़ा का है, जबकि वह फिलहाल अहमदाबाद में रह रहा था। पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश करते हुए उसके वर्तमान ठिकाने का पता लगाया और गुजरात पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया। अब पुलिस आरोपी से यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि करोड़ों रुपये की रकम कहां गई, जमीन के सौदे में ब्रोकर की भूमिका क्या थी और इस पूरे मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।
आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया
पुलिस के मुताबिक, आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी पाया गया है। अब उसके पुराने मामलों और इस प्रकरण के बीच किसी तरह का संबंध है या नहीं, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को 2 सितंबर 2026 को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
जमीन खरीदने वालों के लिए पुलिस की चेतावनी
करोड़ों की इस धोखाधड़ी के बाद पुलिस ने आम लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस का कहना है कि जमीन या किसी अन्य संपत्ति में पैसा लगाने से पहले केवल ब्रोकर या परिचित के भरोसे लेन-देन न करें। भूमि का स्वामित्व, दस्तावेज, रिकॉर्ड, वैधानिक अनुमति और पूरी कानूनी प्रक्रिया की जांच करना बेहद जरूरी है। एक तरफ जमीन के नाम पर करोड़ों की रकम और दूसरी तरफ करीब दो साल की फरारी- अब पुलिस आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित धोखाधड़ी के पीछे सिर्फ जमीन का सौदा था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी काम कर रहा था।
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