हेमंत शर्मा, इंदौर। इंदौर पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। हीरानगर थाने के चर्चित कथित ‘फर्जी प्लास्टर’ विवाद के बाद अब परदेसीपुरा थाने से जुड़ा एक पुराना मामला फिर चर्चा में आ गया है। पत्रकार से मारपीट के मामले में गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों के वायरल वीडियो ने पुलिस के उस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसमें कहा गया था कि आरोपी पुलिस को देखकर भागते समय गिर गए थे और उनके हाथ-पैर में चोट आने के कारण प्लास्टर चढ़ाया गया था।
पत्रकार से मारपीट का मामला
मामला 13 अगस्त 2025 का बताया जा रहा है। आरोप है कि परदेसीपुरा क्षेत्र में लिस्टेड बदमाश शुभम चौकसे और कुणाल पवार अपने साथियों के साथ एक पत्रकार के घर के बाहर शराब पी रहे थे। पत्रकार के विरोध करने पर विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने उसके साथ मारपीट कर क्षेत्र में दहशत फैलाने की कोशिश की। घटना के बाद पुलिस ने दोनों सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया था।
पुलिस का दावा क्या था?
गिरफ्तारी के बाद परदेसीपुरा पुलिस ने बताया था कि आरोपी पुलिस को देखकर भागने लगे थे। इसी दौरान गिरने से उनके हाथ-पैर में चोट आई और इलाज के दौरान प्लास्टर चढ़ाया गया। पुलिस ने इसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के तौर पर पेश किया था।
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वायरल वीडियो से उठे सवाल
अब सामने आए वीडियो ने पूरे मामले को नई चर्चा में ला दिया है। वीडियो में 16 मामलों में दर्ज लिस्टेड बदमाश शुभम चौकसे प्लास्टर चढ़ा होने के बावजूद सामान्य तरीके से चलता हुआ दिखाई दे रहा है। वहीं दूसरे आरोपी कुणाल पवार एक वीडियो में लंगड़ाकर चलता नजर आता है, जबकि दूसरे वीडियो में वह बिना किसी परेशानी के सामान्य चाल से चलता दिखाई देता है। एक वीडियो में वह थाने के भीतर पुलिसकर्मियों के साथ हंसी-मजाक करता भी नजर आ रहा है। इन वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं।
‘फर्जी प्लास्टर’ को लेकर लगाए जा रहे आरोप
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इन वीडियो के बाद कुछ लोग आरोप लगा रहे हैं कि क्या परदेसीपुरा थाने में भी आरोपियों को कथित तौर पर फर्जी प्लास्टर चढ़ाया गया था। यह आरोप इसलिए भी लगाए जा रहे हैं क्योंकि हीरानगर थाने के कथित फर्जी प्लास्टर मामले में वीडियो सामने आने के बाद वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने दावा किया था कि आरोपियों को फर्जी प्लास्टर चढ़ाने के लिए 20 हजार रुपये के लेनदेन की बात हुई थी। हालांकि, परदेसीपुरा मामले में इस तरह के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
हीरानगर मामले में जांच जारी
गौरतलब है कि हीरानगर थाना क्षेत्र में सामने आए कथित फर्जी प्लास्टर मामले को पुलिस कमिश्नर ने गंभीरता से लिया था। मामले में डीसीपी ने थाना प्रभारी और एसीपी से करीब एक घंटे तक पूछताछ की थी और जांच के आदेश दिए गए थे। अब परदेसीपुरा थाने से जुड़ा यह पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में नजर इस बात पर रहेगी कि पुलिस कमिश्नर इस मामले में भी जांच के आदेश देते हैं या नहीं। उल्लेखनीय है कि परदेसीपुरा थाना प्रभारी आर.डी. कनवा का प्रमोशन हो चुका है और वे जल्द ही थाने से रिलीव होने वाले हैं।
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