हेमंत शर्मा, इंदौर। नगर निगम में एक बड़ी वित्तीय लापरवाही सामने आई है। आईटी विभाग की अनदेखी के चलते एक ऐसे इंटरनेट कनेक्शन का महीनों तक बिल भरा जाता रहा, जिसका कोई उपयोग ही नहीं हो रहा था। करीब 8 महीनों में एयरटेल कंपनी को 7 लाख रुपये से ज्यादा का भुगतान कर दिया गया। मामला सामने आने के बाद एमआईसी सदस्य राजेश उदावत ने निगम आयुक्त और महापौर से शिकायत कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। नगर निगम एक तरफ खर्चों में पारदर्शिता और बचत के दावे करता है, लेकिन अब निगम के आईटी विभाग की कथित लापरवाही ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बंद इंटरनेट कनेक्शन पर लाखों खर्च

दरअसल एक इंटरनेट कनेक्शन लंबे समय से उपयोग में नहीं था, लेकिन उसका भुगतान लगातार किया जाता रहा। पिछले करीब 8 महीनों में इस कनेक्शन के लिए 7 लाख रुपये से अधिक की राशि एयरटेल कंपनी को दी गई। हैरानी की बात यह है कि जिस कनेक्शन पर लाखों रुपये खर्च किए गए, उसका पिछले 7 महीनों से कोई उपयोग नहीं हो रहा था। इसके बाद न तो कनेक्शन बंद कराया और न ही भुगतान रोका गया।

निगम आयुक्त और महापौर से शिकायत

एमआईसी सदस्य राजेश उदावत ने इस मामले की निगम आयुक्त और महापौर से शिकायत की है। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि निगम को जो आर्थिक नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई भी जिम्मेदार अधिकारियों से कराई जानी चाहिए।

वेतन काटकर खजाने में जमा कराएं

उन्होंने मांग की है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के वेतन से राशि काटकर निगम के खजाने में जमा कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो। अब निगाहें निगम प्रशासन की जांच पर टिकी हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि सरकारी धन के दुरुपयोग का बड़ा उदाहरण साबित हो सकता है। वहीं जांच के बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होती है, यह देखना भी अहम होगा।

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