प्रदीप मालवीय, उज्जैन। देशभर से भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन करने उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं के साथ धोखाधड़ी करने वाले साइबर अपराधियों के खिलाफ उज्जैन पुलिस ने बड़ी डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक की है। इंटरनेट पर फर्जी वेबसाइटें बनाकर होटल और भक्त निवास की ऑनलाइन रूम बुकिंग के नाम पर लाखों रुपये ऐंठने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने कई फर्जी वेबसाइटों को तत्काल प्रभाव से ब्लॉक (निष्क्रिय) करवा दिया है।
ऐसे जाल में फंस रहे थे श्रद्धालु
उज्जैन पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि जब बाहरी राज्यों या जिलों के श्रद्धालु इंटरनेट पर उज्जैन में रुकने के लिए होटलों या भक्त निवास की तलाश करते हैं, तो साइबर ठगों द्वारा बनाई गई फर्जी वेबसाइटें उनके सामने आ जाती हैं। इन वेबसाइटों के जरिए श्रद्धालुओं से ऑनलाइन एडवांस पेमेंट ले लिया जाता था। जब पीड़ित श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते थे, तो उन्हें पता चलता था कि ऐसी कोई बुकिंग है ही नहीं। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ भारी मानसिक परेशानी और असुविधा का सामना करना पड़ता था।
SP के निर्देश पर साइबर सेल का एक्शन
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए उज्जैन पुलिस अधीक्षक (SP) प्रदीप शर्मा के निर्देशन में साइबर सेल ने तकनीकी जांच और साइबर विश्लेषण शुरू किया।
वेबसाइटें की गईं बंद: जांच में कई फर्जी वेबसाइटों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस मुख्यालय भोपाल के माध्यम से संबंधित इंटरमीडियरी/प्लेटफॉर्म को सख्त कानूनी नोटिस जारी कर इन फर्जी वेबसाइटों को तुरंत इंटरनेट से हटा दिया गया है। यह पूरा कृत्य सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम 2000 की धारा 43, 66, 66-C, 66-D तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 318(4) एवं 319 के तहत दंडनीय पाया गया है।
उज्जैन पुलिस की श्रद्धालुओं से अपील
उज्जैन पुलिस ने ठगी से बचने के लिए देश-प्रदेश के नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। धर्मशाला अथवा भक्त निवास की ऑनलाइन बुकिंग करते समय केवल आधिकारिक और पूरी तरह विश्वसनीय वेबसाइट/पोर्टल का ही उपयोग करें। किसी भी अज्ञात मोबाइल नंबर या संदिग्ध दिखने वाली वेबसाइट पर ऑनलाइन पेमेंट करने से पहले उसकी सत्यता की अच्छे से जांच कर लें।
यहां करें शिकायत: यदि आप किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी का शिकार होते हैं, तो बिना देर किए तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या अपने नजदीकी पुलिस थाना/साइबर सेल से संपर्क करें।
भोजशाला फैसले का श्रेय लेने की होड़ ? हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस का दावा- हमारी याचिका पर आया निर्णय,

