हेमंत शर्मा, इंदौर। राहुल गांधी के 12 सितंबर को प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर इंदौर में सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। नेहरू स्टेडियम की अनुमति को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब रीजनल पार्क के सामने IDA की जमीन और ग्रीन बेल्ट को लेकर बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी के कार्यक्रम की तैयारियों के नाम पर IDA के स्वामित्व वाली ग्रीन बेल्ट में कथित तौर पर जेसीबी चलाकर जमीन को समतल किया गया और झाड़-पौधों को हटाया गया। वहीं कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वहां गणेश उत्सव के लिए नगर निगम की ओर से साफ-सफाई की जा रही थी।
बीजेपी का आरोप- ‘रातों-रात भेजी गईं JCB, ग्रीन बेल्ट से उखाड़े झाड़-पौधे’
बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने दावा किया कि नेहरू स्टेडियम के बाद रीजनल पार्क के सामने IDA के स्वामित्व वाली जमीन है, जिसका उपयोग ग्रीन बेल्ट के रूप में होता है। यादव का आरोप है कि रातों-रात दो जेसीबी भेजकर जमीन को समतल किया गया और झाड़-पौधे उखाड़ दिए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस जमीन का मालिकाना हक IDA के पास है, वहां काम करने की अनुमति आखिर किसने दी? बीजेपी ने पूरे मामले की जांच की मांग करते हुए कहा है कि अगर बिना अनुमति सरकारी अथवा सार्वजनिक जमीन पर काम हुआ है तो जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
राहुल गांधी की सभा के लिए जमीन पर कब्जे की कोशिश?
राकेश सिंह यादव ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए विवाद की स्थिति पैदा करने की कोशिश कर रही है। यादव ने कहा कि राहुल गांधी के कार्यक्रम में युवाओं की बड़ी संख्या जुटाने को लेकर कांग्रेस दबाव में है, इसलिए छोटी से छोटी जगह तलाशने और बाद में उसका ठीकरा सरकार पर फोड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम स्थल की तैयारी के नाम पर जिस तरह जेसीबी चलाई गई, वह कांग्रेस की मंशा पर सवाल खड़े करती है। हालांकि, जेसीबी किस उद्देश्य से चलाई गई और इसके लिए अनुमति थी या नहीं, यह प्रशासनिक जांच का विषय है।
कांग्रेस का पलटवार- ‘बीजेपी राहुल गांधी के आने से बौखलाई’
बीजेपी के आरोपों पर कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता अमित चौरसिया ने पलटवार किया। उन्होंने राकेश सिंह यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी प्रवक्ता को हर जगह राजनीतिक साजिश नजर आती है। चौरसिया के मुताबिक, जिस रीजनल पार्क का हवाला दिया जा रहा है, वहां स्थानीय पार्षद रहे दिलीप सुरागे वर्षों से गणेश चतुर्थी पर गणेश उत्सव मनाते आ रहे हैं। उनका दावा है कि गणेश पंडाल लगाए जाने वाले स्थान पर नगर निगम की ओर से साफ-सफाई कराई जा रही थी। कांग्रेस ने इसे राहुल गांधी के कार्यक्रम से जोड़ने के बीजेपी के आरोप को खारिज किया है।
नेहरू स्टेडियम के अलावा चार-पांच जगहों पर भी विचार
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस ने नेहरू स्टेडियम के लिए अनुमति मांगी है, लेकिन इसके साथ ही चार-पांच अन्य स्थान भी चिन्हित किए गए हैं। इन स्थानों को लेकर कलेक्टर से बातचीत चलने की बात कांग्रेस ने कही है। कांग्रेस का तर्क है कि राहुल गांधी सिर्फ कांग्रेस के नेता नहीं बल्कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं, इसलिए उनके कार्यक्रम को लेकर राज्य सरकार और प्रशासन की भी जिम्मेदारी बनती है।
कांग्रेस का दावा- ‘कार्यक्रम गैर-राजनीतिक, बीजेपी घबराई हुई’
अमित चौरसिया ने राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को गैर-राजनीतिक आयोजन बताया। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ और पुणे में जिस तरह छात्रों के बीच संवाद कार्यक्रम हुए, उसी कड़ी में इंदौर में भी कार्यक्रम प्रस्तावित है। कांग्रेस का दावा है कि कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दे राष्ट्रीय स्तर पर उठाए जाएंगे। चौरसिया ने बीजेपी सरकार पर व्यापमं, नर्सिंग और पुलिस आरक्षक भर्ती जैसे मामलों को लेकर भी निशाना साधा और कहा कि राहुल गांधी के आने से इन मुद्दों के राष्ट्रीय स्तर पर उठने को लेकर बीजेपी चिंतित है।
राकेश यादव का पलटवार- ‘कानून से ऊपर नहीं राजनीतिक आयोजन’
बीजेपी का कहना है कि कार्यक्रम चाहे किसी भी नेता का हो, उसके लिए सरकारी या सार्वजनिक संपत्ति का इस्तेमाल नियमों के मुताबिक ही होना चाहिए। राकेश सिंह यादव ने प्रशासन से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कराया जाए, IDA की जमीन और ग्रीन बेल्ट को सुरक्षित किया जाए और यह पता लगाया जाए कि जेसीबी चलाने की अनुमति किसने दी थी। अगर जांच में बिना अनुमति काम किए जाने की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों और आयोजकों की भूमिका तय कर कार्रवाई की मांग भी बीजेपी ने की है।
अब सियासत से ज्यादा जरूरी सवाल- JCB किसकी अनुमति से चली?
राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर पहले नेहरू स्टेडियम की परमिशन पर विवाद था और अब ग्रीन बेल्ट में कथित जेसीबी कार्रवाई ने सियासत को और हवा दे दी है। बीजेपी इसे सरकारी जमीन पर कथित अवैध गतिविधि बता रही है, जबकि कांग्रेस इसे गणेश उत्सव की तैयारियों के लिए नगर निगम की सामान्य सफाई बता रही है।
अब असली सवाल प्रशासनिक जांच से साफ होगा। क्या IDA की जमीन पर जेसीबी चलाने की अनुमति ली गई थी? क्या ग्रीन बेल्ट को कोई नुकसान हुआ है? और क्या इस कार्रवाई का राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम से वास्तव में कोई संबंध है? 12 सितंबर का राहुल गांधी का कार्यक्रम जैसे-जैसे करीब आ रहा है, इंदौर में सियासी गर्मी बढ़ती जा रही है। अब देखना होगा कि परमिशन का विवाद खत्म होता है या ग्रीन बेल्ट का मुद्दा कांग्रेस और बीजेपी के बीच एक और बड़ा राजनीतिक टकराव बन जाता है।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m



