इनेलो नेता उमेद सिंह लोहान ने चैनत गांव के ग्रामीणों के हक में आवाज उठाई है और प्रशासन से आंदोलनकारी किसानों पर दर्ज मामले रद्द करने की मांग की है।

नवीन शर्मा, हांसी। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के वरिष्ठ नेता उमेद सिंह लोहान ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चैनत गांव के ग्रामीणों के साथ हो रही कथित नाइंसाफी का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया है। लोहान ने कहा कि चैनत के ग्रामीण लंबे समय से अपने मूलभूत अधिकारों और पीने के पानी की उचित व्यवस्था की मांग को लेकर संघर्षरत हैं, लेकिन उनकी मांगों को अनदेखा किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि ग्रामीणों की मांगों को गंभीरता से सुना जाए। इनेलो नेता ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस लड़ाई में ग्रामीणों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और उनके हितों के लिए किसी भी स्तर तक संघर्ष करने को तैयार है।

दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग

प्रेस वार्ता के दौरान उमेद सिंह लोहान ने प्रशासन द्वारा ग्रामीणों और आंदोलन से जुड़े लोगों पर दर्ज किए गए मुकदमों को पूरी तरह गलत बताया और उन्हें तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने इन मामलों को वापस नहीं लिया, तो इनेलो इस कानूनी लड़ाई को अपने हाथों में लेगी। पार्टी अपने कानूनी पैनल के माध्यम से इन ग्रामीणों की हर संभव सहायता करेगी। लोहान का आरोप है कि इस पूरे प्रकरण में किसानों की जमीन को नुकसान पहुंचाया गया है और उनके जायज हितों की अनदेखी की गई है, जिसे किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा।

मूल समस्याओं के समाधान का आग्रह

लोहान ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन ने भले ही उखाड़ी गई पाइपों को दोबारा लगा दिया हो, लेकिन इससे ग्रामीणों की मूल समस्या का स्थाई समाधान नहीं हुआ है। पीने के पानी की किल्लत अभी भी जस की तस बनी हुई है, जो प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि केवल दिखावटी कार्रवाई करने के बजाय समस्या की जड़ तक जाकर समाधान किया जाए। इनेलो नेता ने दोहराया कि जब तक ग्रामीणों को उनका हक नहीं मिल जाता, तब तक उनकी पार्टी किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सड़क से लेकर सदन तक आवाज उठाती रहेगी और उन्हें न्याय दिलाकर ही दम लेगी।