सुशील सलाम, कांकेर। सांसद भोजराज नाग का गुस्सा एक बार फिर चर्चा में है. गुस्से का शिकार बने मत्स्य विभाग के निरीक्षक ने किसानों के सामने जलील किए जाने पर बिना कोई जवाब दिए माइक छोड़कर निकल लिए, लेकिन इससे सांसद का पारा और चढ़ गया. अब जनप्रतिनिधि और सरकारी कर्मचारी के बीच का तकरार आगे चलकर क्या रुख लेता है, इस पर लोगों की निगाहें टिकी हुई है.
दरअसल, कांकेर जिले के ग्राम दसपुर में आयोजित विकसित कृषि संकल्प अभियान कार्यक्रम के दौरान सांसद भोजराज नाग किसानों से बातचीत कर रहे थे, और उन्होंने सरकारी योजनाओं के लाभ को लेकर जानकारी ली. इस दौरान उन्होंने मत्स्य विभाग के निरीक्षक से पूछा कि क्या किसानों को विभागीय योजनाओं का लाभ मिल रहा है. निरीक्षक इस सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए, जिस पर सांसद नाराज़ हो गए.

सांसद ने मंच से ही माइक के माध्यम से निरीक्षक को फटकार लगाते हुए कहा कि “किसानों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है, और आपको इसकी जानकारी तक नहीं है, यह गंभीर लापरवाही है. किसान दर-दर भटकने को मजबूर हैं”. सांसद की फटकार के बाद मत्स्य विभाग के निरीक्षक कार्यक्रम स्थल से माइक छोड़कर बिना जवाब दिए ही चले गए, जिससे सांसद और अधिक नाराज़ हो गए.
गौरतलब है कि इस कार्यक्रम में मत्स्य विभाग के अन्य अधिकारी भी अनुपस्थित रहे, जिसे लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. विकसित कृषि संकल्प अभियान जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों की अनुपस्थिति और जानकारी का अभाव किसानों के हितों पर असर डाल सकता है. इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर विभागीय कार्यप्रणाली और किसानों को मिलने वाले लाभों को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
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