सतीश सिंह, लखनऊ. राजधानी लखनऊ में कमिश्नरेट पुलिस ने ऑपरेशन सिवाई-वज्र के तहत साइबर ठगी के एक ऐसे संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. जो भोले-भाले लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उन्हें म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल करता था. इन खातों में देशभर में साइबर ठगी से हासिल रकम जमा कराई जाती थी और बाद में उसे यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) में बदलकर विदेशी, विशेषकर चीनी साइबर अपराधियों के डिजिटल वॉलेट तक पहुंचाया जाता था. पुलिस ने इस मामले में नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
गिरफ्तार आरोपियों में मो. शाहरूख पुत्र मो. कलीम निवासी सेक्टर-6, जानकीपुरम, महफूज खान पुत्र मकसूद खान निवासी सेक्टर-6, जानकीपुरम, सैय्यद अब्दुल्ला पुत्र सैय्यद फैजल निवासी कल्याणपुर, गुडंबा, मो. बसर पुत्र सनव्वर निवासी एकता नगर, मोहिबुल्लापुर, मड़ियांव, मो. रुबान पुत्र मुकीद हाल निवासी मुतक्कीपुर, आईआईएम रोड, मड़ियांव (मूल निवासी बड़ागांव, बाराबंकी), शाबिर पुत्र शान मोहम्मद हाल निवासी लालबाग, हजरतगंज (मूल निवासी केसरगंज, बहराइच), सिकंदर पुत्र इरफान हाल निवासी लालबाग, हजरतगंज (मूल निवासी रोजा, शाहजहांपुर), फरहान पुत्र इरफान हाल निवासी नजरबाग, हुसैनगंज (मूल निवासी शहर कोतवाली, बलरामपुर) तथा तुफैल पुत्र गुलाम शाबिर हाल निवासी नजरबाग, हुसैनगंज (मूल निवासी कोतवाली सदर, शाहजहांपुर) शामिल हैं.
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पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम से विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाता था. इसके बाद खाताधारकों से एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, इंटरनेट बैंकिंग आईडी, पासवर्ड, मोबाइल नंबर और ओटीपी जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां अपने कब्जे में ले लेता था. इस तरह पूरे बैंक खाते का नियंत्रण गिरोह के पास आ जाता था.
साइबर ठगी से प्राप्त रकम सबसे पहले इन्हीं म्यूल अकाउंट्स में भेजी जाती थी. इसके बाद आरोपी अलग-अलग एटीएम से नकदी निकालते थे या फिर रकम को यूएसडीटी में बदलकर विदेशी, विशेषकर चीनी साइबर अपराधियों के डिजिटल वॉलेट में ट्रांसफर कर देते थे. पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह के सदस्य टेलीग्राम समेत अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए विदेशी साइबर अपराधियों के लगातार संपर्क में रहते थे और प्रत्येक ट्रांजैक्शन पर कमीशन प्राप्त करते थे. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 50 एटीएम/क्रेडिट कार्ड, तीन चेकबुक, दो पासबुक, एक टैबलेट, एक आईपैड, 53,100 रुपये नकद, एक कार और एक मोटरसाइकिल बरामद की है. पुलिस अब मोबाइल फोन, बैंक खातों, डिजिटल वॉलेट, क्रिप्टो ट्रांजैक्शन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कर रही है.
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यह होती है यूएसडीटी
USDT का फुल फॉर्म Tether USD (टेथर यूएसडी) है.यह एक प्रकार की क्रिप्टोकरेंसी (क्रिप्टोकरेंसी) है,जिसे ‘स्टेबलकॉइन’ (Stablecoin) कहा जाता है. इसकी खासियत यह है कि 1 USDT की कीमत हमेशा 1 अमेरिकी डॉलर (USD) के बराबर होती है. USDT को 2014 में लॉन्च किया गया था और इसका उपयोग मुख्य रूप से क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में सुरक्षित ट्रेडिंग, निवेश और लेन-देन करने के लिए किया जाता है.

