देश के बड़े और नामचीन इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले का सपना देखने वाले छात्रों और उनके परिजनों को अपना शिकार बनाने वाले एक बेहद शातिर और हाईटेक गिरोह का मुंबई पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. फर्जी एडमिशन दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए पवई पुलिस ने पुणे से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया. कार्रवाई में 22 मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य सामान जब्त किये है जिनकी कीमत कुल कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है.

मामले का खुलासा एक महिला की शिकायत के बाद हुआ. पुलिस के अनुसार आरोपी इंस्टाग्राम पर विज्ञापन के जरिए छात्रों और अभिभावकों से संपर्क करते थे.

मुंबई की पवई पुलिस ने इंस्टाग्राम के जरिए देश के नामी इंजीनियरिंग कॉलेजों में फर्जी एडमिशन दिलाने वाले एक बड़े अंतर-राज्यीय रैकेट का भंडाफोड़ किया है. आरोपियों का यह गिरोह इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर देश भर के प्रसिद्ध संस्थानों में मैनेजमेंट या NRI कोटे से एडमिशन दिलाने के लुभावने विज्ञापन पोस्ट करता था.

तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस को पता चला कि यह पूरा नेक्सस पुणे से संचालित हो रहा था. गिरोह ने पुणे में दो बकायदा कॉल सेंटर खोल रखे थे. फर्जी सिम और व्हाट्सऐप नंबरों के जरिए बातचीत कर नामी कॉलेजों में एडमिशन दिलाने का भरोसा दिया जाता था. एडमिशन पक्का कराने के नाम पर आरोपियों द्वारा टोकन मनी, एडवांस या पहले साल की फीस के तौर पर लाखों रुपये वसूले जाते थे.

मामले का खुलासा एक महिला की शिकायत के बाद हुआ जब उसने पुलिस को बताया कि इंस्टाग्राम पर techorbit1111 नाम के अकाउंट के जरिए उससे संपर्क किया गया था. आरोपियों ने IIIT हैदराबाद में एडमिशन दिलाने के नाम पर करीब 16 लाख 50 हजार रुपये ठग लिए.

फर्जी एडमिशन दिलाने की सूचना पक्की होने पर पवई पुलिस ने पुणे के दोनों कॉल सेंटरों पर एक साथ छापेमारी की और वहां से 10 आरोपियों को धर दबोचा. उनमें से 5 आरोपी बीटेक (B.Tech) ग्रेजुएट इंजीनियर हैं. छापेमारी के दौरान पुलिस ने 22 मोबाइल फोन, 23 सिम कार्ड, एक HP लैपटॉप, दो हार्ड डिस्क, सात डेबिट कार्ड, एक जियोबुक और दो कारें बरामद कीं.

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