पटना/ दिल्ली। IRCTC घोटाले से जुड़े चर्चित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट का रुख अब पूरी तरह साफ हो गया है। लंबे समय से चल रही कानूनी प्रक्रिया के बाद, अदालत ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रखा है, जो अब 9 जून को सुनाया जाएगा। इस मामले में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव मुख्य आरोपी हैं।
अदालती कार्रवाई का घटनाक्रम
इस मामले की सुनवाई में कई बार उतार-चढ़ाव देखे गए हैं। पिछली महत्वपूर्ण सुनवाई 6 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन उस दिन अदालत ने कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया था। वर्तमान में, कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया को पहले ही पूरा कर लिया है। अब सभी की निगाहें 9 जून पर टिकी हैं, क्योंकि यह दिन लालू परिवार के लिए कानूनी रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर की गई चार्जशीट ने इस मामले में कानूनी घेरा और अधिक सख्त कर दिया है।
हाईकोर्ट में चुनौती और CBI का रुख
लालू यादव परिवार ने निचली अदालत के अक्टूबर 2025 के उस आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप तय करने का निर्देश दिया गया था। वहीं दूसरी ओर, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) इस याचिका का कड़ा विरोध कर रही है। CBI का तर्क है कि उनके पास मामले से जुड़े अत्यंत ठोस और पुख्ता साक्ष्य उपलब्ध हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि उनके पास मौजूद दस्तावेज इस बात को प्रमाणित करते हैं कि टेंडर प्रक्रिया में नियमों को ताक पर रखकर अनुचित लाभ पहुंचाया गया था।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान का है। जांच एजेंसियों के अनुसार, साल 2004-2009 के बीच रांची और पुरी स्थित दो IRCTC होटलों के टेंडर आवंटन में गंभीर अनियमितताएं की गईं। आरोप है कि टेंडर की प्रक्रिया को एक सोची-समझी साजिश के तहत निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए मोड़ा गया।
जांच में सामने आया कि इन होटलों के संचालन का पट्टा (Lease) नियमों की अनदेखी करते हुए कुछ चुनिंदा निजी कंपनियों को दिया गया। एजेंसियों का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता की भारी कमी थी और इसके बदले में लालू परिवार को कथित रूप से जमीन और अन्य आर्थिक लाभ प्राप्त हुए थे। अब 9 जून को आने वाला अदालत का फैसला यह तय करेगा कि इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही किस दिशा में बढ़ेगी।

