कुमार इंदर, जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां एक कॉलेज का अतिथि शिक्षक पिछले 8 सालों से हजारों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा था। आरोपी शिक्षक बिना कॉपियां जांचे ही छात्रों को मनमाने नंबर बांट रहा था। इस गंभीर मामले का खुलासा होने के बाद भी कॉलेज प्रबंधन और जिम्मेदार अधिकारियों ने कार्रवाई के नाम पर महज लीपापोती की है, जिससे पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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RTI और री-चेकिंग में खुला राज: कॉपियां चेक किया बिना ही दिए नंबर
यह पूरा मामला कम्प्यूटर साइंस विभाग का है, जहां सचिंद्र दुबे नामक अतिथि व्याख्याता सालों से पदस्थ है। हाल ही में जब कुछ मुख्य परीक्षाओं के परिणाम आए तो कम्प्यूटर साइंस के कई होनहार छात्रों के बेहद कम नंबर आए।
हैरान-परेशान छात्रों ने जब अपने नंबरों पर आपत्ति जताई और कॉपियां दोबारा खुलवाईं तब इस महाघोटाले का भंडाफोड़ हुआ। सामने आया कि जिन छात्रों को फेल या बेहद कम नंबर दिए गए थे। उनकी कॉपियां असल में चेक ही नहीं की गई थीं। शिक्षक सचिन्द्र दुबे ने बिना पेन चलाए, बिना मूल्यांकन किए ही कॉपियों के मुख्य पृष्ठ पर मनमर्जी से नंबर चढ़ा दिए थे।
FIR की जगह सिर्फ कॉपी जांचने पर रोक
इतने बड़े फर्जीवाड़े और छात्रों के करियर को बर्बाद करने वाले इस गंभीर अपराध पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए थी। उम्मीद थी कि आरोपी शिक्षक के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई जाएगी लेकिन रसूख और सांठगांठ के चलते कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खिलवाड़ किया गया।
संस्थान ने आरोपी अतिथि शिक्षक सचिन्द्र दुबे पर महज 2 साल के लिए कॉपी जांचने पर पाबंदी लगाकर मामले को रफा-दफा कर दिया। इसे लेकर अब छात्रों और अभिभावकों में भारी आक्रोश है कि इतने बड़े अपराध की इतनी मामूली सजा क्यों?
दांव पर हजारों इंजीनियरिंग छात्रों का भविष्य
यह लापरवाही सिर्फ जबलपुर तक सीमित नहीं है बल्कि इसका दायरा बेहद बड़ा है। दरअसल राजधानी भोपाल के तमाम इंजीनियरिंग कॉलेजों की मुख्य परीक्षाओं की कॉपियां भी जांच के लिए जबलपुर ही आती हैं।
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ऐसे में यह आशंका और गहरी हो गई है कि आरोपी शिक्षक ने पिछले 8 सालों में भोपाल और अन्य जिलों के न जाने कितने हजार इंजीनियरिंग छात्रों की किस्मत पर बिना कॉपी जांचे ही फेल-पास का ठप्पा लगा दिया होगा। छात्रों ने अब इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और आरोपी शिक्षक के खिलाफ तत्काल पुलिस केस दर्ज करने की मांग उठाई है।
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