कुमार इंदर, जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी लॉ ऑफिसर की नियुक्ति मामले में जवाब मांगा है। कोर्ट ने तीन सप्ताह के अंदर जवाब देने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही महाधिवक्ता को अगली बार से खुद अदालत में पेश होकर जवाब देने की बात भी कही हैं।
दरअसल, 25 दिसंबर 2025 को जारी 157 विधि अधिकारियों की नियुक्ति को चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव योगेश सोनी ने एक याचिका दायर की है। जिसमें आरोप लगाया है कि नियम विरुद्ध तरीके से अपात्र लोगों को सरकारी वकील बना दिया गया। याचिकाकर्ता का कहना है कि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह से मनमानी और पक्षपात पूर्ण तरीके से हुई। नियम के मुताबिक सरकारी वकील के लिए 10 साल की प्रैक्टिस होना अनिवार्य है।
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याचिकाकर्ता का कहना कई वकील की 10 साल की प्रैक्टिस नहीं है। पूर्व में जारी नोटिस की तामील नहीं कराए गए। महाधिवक्ता कार्यालय और तमाम लॉ ऑफिसर नोटिस नहीं लिया। वहीं हाईकोर्ट ने बयान को रिकॉर्ड में लिया है। अदालत ने अगली बार से महाधिवक्ता को खुद खड़े होकर पैरवी करने के निर्देश दिए है। आपको बता दें कि महाधिवक्ता कार्यालय में कुल 157 सरकारी लॉ ऑफिसर पदों पर नियुक्ति हुई थी।

