Jagan Gurjar Murder: राजस्थान के अजमेर स्थित हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर उर्फ टाइगर की हत्या के बाद मामला लगातार गरमाता जा रहा है। मंगलवार (30 जून) को जगन के बेटे आसाराम गुर्जर ने अजमेर के जेएलएन अस्पताल के बाहर परिवार और समर्थकों के साथ धरना शुरू कर दिया। परिजनों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी होने तक शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा।

परिवार ने मामले की सीबीआई जांच कराने, जगन के भाई पप्पू गुर्जर को दूसरी जेल में स्थानांतरित करने और पूरे परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही बाड़ी थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग उठाई गई है। अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में लोग मौजूद हैं।
परिजनों का आरोप है कि जगन गुर्जर को फर्जी मुकदमों में गिरफ्तार कर हाई सिक्योरिटी जेल भेजा गया था, जिसके चलते यह घटना हुई।
गौरतलब है कि सोमवार (29 जून) को जेल के भीतर हार्डकोर बंदी विष्णु जाट पर जगन गुर्जर की गला घोंटकर हत्या करने का आरोप है। घटना के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है और हत्या के कारणों को लेकर विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विष्णु जाट की बहन को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के चलते दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि इसी विवाद के दौरान जेल में दोनों के बीच झगड़ा हुआ, जिसके बाद हत्या की घटना हुई। हालांकि, हत्या के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
इस बीच, जगन के बेटे आसाराम गुर्जर ने मीडिया से बातचीत में पिता की हत्या को लेकर नाराजगी जताई और कड़ी प्रतिक्रिया दी। पुलिस मामले की जांच में जुटी है, जबकि परिजन अपनी मांगों पर कायम हैं।
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