अमृतसर. पंजाब-हरियाणा के खनौरी सीमा पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के अनशन का आज 45वां दिन है। उनकी सेहत बेहद नाजुक बनी हुई है। उनका रक्तचाप लगातार गिर रहा है। ऐसे में उन्होंने अब किसी से मुलाकात न करने का फैसला किया है। उनकी हालत पर 24 घंटे डॉक्टरों की एक टीम निगरानी कर रही है।
सपा सांसद ने जताया समर्थन
समाजवादी पार्टी ने इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। पार्टी के मुजफ्फरनगर से सांसद और राष्ट्रीय महासचिव हरिंदर मलिक ने बुधवार को डल्लेवाल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने किसानों को पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव से फोन पर बात करने के लिए कहा। अखिलेश ने आश्वासन दिया कि वे सभी राजनीतिक पार्टियों से बातचीत करेंगे और कोशिश करेंगे कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) गारंटी कानून के मुद्दे पर सभी दल एकजुट होकर किसानों की समस्याओं का समाधान निकालें, ताकि किसान आत्महत्याएं रोकी जा सकें।
कृषि मंत्री से सवाल
किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि देश के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान दिल्ली के किसानों के साथ बैठक करते हैं और कहते हैं कि उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। लेकिन, दूसरी ओर, उन्हें 13 फरवरी 2024 से सड़क पर बैठे और अनशन कर रहे डल्लेवाल का संघर्ष नजर नहीं आता।
उन्होंने कहा कि 2016 की कृषि जनगणना के अनुसार, दिल्ली में 21,000 किसान थे, जिनकी संख्या पिछले 8 सालों में घट गई है। डल्लेवाल की बिगड़ती हालत को देखते हुए केंद्र सरकार को किसानों की समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान करना चाहिए।

किसान आंदोलन की अगली रणनीति
किसानों ने 10 जनवरी को देशभर में विरोध प्रदर्शन करने की योजना बनाई है। इस दिन प्रधानमंत्री का पुतला जलाया जाएगा। वहीं, 13 जनवरी (लोहड़ी) को केंद्र सरकार की कृषि मंडीकरण नीति की प्रतियां जलाकर इसका विरोध करेंगे.
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