Jaipur Coaching Institutes: सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद जयपुर के गोपालपुरा बाईपास क्षेत्र में संचालित कोचिंग संस्थानों की वैधता की जांच तेज हो गई है। जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) और नगर निगम अब संयुक्त रूप से क्षेत्र का सर्वे करेंगे। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर नियमों के विपरीत संचालित कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी किए जाएंगे। यदि तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला या अनियमितताएं दूर नहीं की गईं तो संयुक्त कार्रवाई की जाएगी।

जेडीए मुख्यालय में गुरुवार को हुई बैठक में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की पालना और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाकर कार्रवाई करने पर सहमति बनी। बैठक में जयपुर विकास आयुक्त सिद्धार्थ महाजन, नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा, राजस्थान हाउसिंग बोर्ड आयुक्त अरविंद पोसवाल, पुलिस उपमहानिरीक्षक आनंद शर्मा सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

किन बिंदुओं पर होगी जांच?

संयुक्त सर्वे के दौरान टीम यह जांच करेगी कि कोचिंग संस्थान जिस भवन में संचालित हो रहा है, उसके लिए व्यावसायिक उपयोग की वैध अनुमति है या नहीं। इसके साथ ही पार्किंग व्यवस्था, भवन में छात्रों और कर्मचारियों के लिए पर्याप्त सुविधा तथा अग्निशमन विभाग की फायर एनओसी की भी जांच की जाएगी। प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि सभी संस्थान सुरक्षा मानकों और भवन नियमों का पालन कर रहे हैं।

नियम तोड़ने वाले संस्थानों पर होगी कार्रवाई

अधिकारियों के अनुसार, सर्वे रिपोर्ट के आधार पर नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों को पहले नोटिस दिया जाएगा। यदि निर्धारित समय में जवाब संतोषजनक नहीं मिला या कमियां दूर नहीं की गईं, तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई की जाएगी।

कोचिंग संचालकों ने उठाई रियायती भूखंड की मांग

इस बीच ऑल कोचिंग इंस्टीट्यूट महासंघ ने सरकार से कोचिंग हब में रियायती दर पर भूखंड या परिसर उपलब्ध कराने की मांग की है। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अनीश कुमार नाडार का कहना है कि कोचिंग संस्थानों को रियायती दर पर किराए से परिसर उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आवासन मंडल कोचिंग हब के लिए निर्धारित भूमि अन्य विभागों को आवंटित कर रहा है।

आवासन मंडल ने क्या कहा?

राजस्थान आवासन मंडल के आयुक्त अरविंद पोसवाल ने कहा कि फिलहाल मंडल के पास भवनों को किराए पर देने का कोई प्रावधान नहीं है। हालांकि, यदि बड़ी संख्या में कोचिंग संचालक भवन खरीदने में रुचि दिखाते हैं, तो इस पर विचार किया जा सकता है।

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