Jaipur Tiranga Rally: स्वाधीनता दिवस की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में हर घर तिरंगा अभियान का रविवार को जयपुर में भव्य आगाज हुआ। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार और कला, साहित्य एवं पुरातत्व विभाग, राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार 9 से 17 अगस्त तक आयोजित कार्यक्रम के तहत ऐतिहासिक अल्बर्ट हॉल से बड़ी चौपड़ तक तिरंगा रैली निकाली गई। रैली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं सांसद मदन राठौड़ मौजूद रहे।

अमर जवान ज्योति पर श्रद्धांजलि से हुआ आगाज

तिरंगा रैली से पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शहीद स्मारक स्थित अमर जवान ज्योति पहुंचकर देश के वीर सपूतों और शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। इसके बाद जेपी नड्डा अल्बर्ट हॉल पहुंचे, जहां उन्होंने विशाल जनसमूह को संबोधित किया। इसके बाद तिरंगा रैली रवाना हुई।

अल्बर्ट हॉल से बड़ी चौपड़ तक निकली रैली

तिरंगा रैली अल्बर्ट हॉल से रवाना होकर रामनिवास बाग निकास गेट, सांगानेरी गेट और जौहरी बाजार से होते हुए ऐतिहासिक बड़ी चौपड़ पहुंची। रैली में समाज के अलग-अलग वर्गों के लोगों ने हिस्सा लिया। रैली में आर्मी के जवान, राजस्थान पुलिस बल, पूर्व सैनिक, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी, NCC कैडेट्स, हिंदुस्तान स्काउट्स एंड गाइड्स और MY Bharat के वॉलिंटियर्स शामिल हुए। इसके अलावा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, खिलाड़ी, व्यापार संघों के पदाधिकारी, पेंशनर्स और गैर-सरकारी संगठनों के सदस्य भी तिरंगा रैली का हिस्सा बने।

जेपी नड्डा बोले- तिरंगा हर घर तक पहुंचना चाहिए

जेपी नड्डा ने अपने संबोधन की शुरुआत राजस्थान की वीर भूमि को नमन करते हुए की। उन्होंने जयपुर के आराध्य देव गोविंद देवजी और मोती डूंगरी गणेश जी का आशीर्वाद भी लिया। उन्होंने भारत को Mother of Democracy बताते हुए कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा प्रजातंत्र है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रध्वज के लिए लाखों वीरों ने अपने खून-पसीने और जीवन का बलिदान दिया है। नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि तिरंगा केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसे हर घर पर फहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा अब राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन बन चुका है।

अशोक चक्र को बताया प्रगति का प्रतीक

जेपी नड्डा ने तिरंगे में शामिल अशोक चक्र की भी व्याख्या की। उन्होंने इसे निरंतर प्रगति और परिवर्तन का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि तिरंगा देश की एकता, स्वतंत्रता और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है।

राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान के अपमान पर नड्डा का बयान

अपने संबोधन में जेपी नड्डा ने हाल ही में पारित Prevention of Insults to National Honour (Amendment) Act, 2026 का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 1971 के मूल कानून में राष्ट्रध्वज और संविधान के अपमान पर दंड का प्रावधान था, लेकिन राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को लेकर कमी थी। नड्डा ने इस पर सवाल उठाते हुए पूर्व सरकारों की तुष्टिकरण और वोटबैंक की राजनीति का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि नए कानून के तहत अब राष्ट्रध्वज, संविधान, राष्ट्रगान या राष्ट्रगीत में से किसी का भी अपमान दंडनीय अपराध है।

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