Jaipur Treasure Mystery: राजस्थान की राजधानी जयपुर अपनी ऐतिहासिक हवेलियों और विरासत के लिए दुनिया भर में जानी जाती है। इन दिनों शहर की करीब 200 साल पुरानी दो हवेलियां कथित खजाने की वजह से चर्चा में हैं। माणक चौक थाना क्षेत्र में सामने आए दो अलग-अलग मामलों ने लोगों के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

पहला मामला: खुदाई के दौरान करोड़ों के खजाने का दावा

पहला मामला त्रिपोलिया बाजार स्थित विद्याधर के रास्ते की एक पुश्तैनी हवेली से जुड़ा है। यहां पुराने भवन को हटाकर नया कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा था। हवेली मालिक की शिकायत के अनुसार, खुदाई के दौरान कथित रूप से 45 किलो चांदी, सोने के सिक्कों से भरे 15 कलश और करीब 10,000 चांदी के सिक्के मिले। आरोप है कि ठेकेदार महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू और उसके साथ काम कर रहे मजदूरों ने इस कथित खजाने को आपस में बांट लिया और इसकी जानकारी मालिक को नहीं दी।

शिकायत में कहा गया है कि अनुबंध के अनुसार खुदाई में मिलने वाली किसी भी मूल्यवान वस्तु की सूचना मालिक को देना अनिवार्य था। निर्माण कार्य जनवरी में पूरा हो गया था, लेकिन मामला अप्रैल में तब सामने आया जब कथित हिस्सेदारी को लेकर मजदूरों के बीच विवाद हो गया।

दूसरा मामला: बंबई वालों की हवेली में तिजोरियों का दावा

इसी इलाके की करीब 200 वर्ष पुरानी ‘बंबई वालों की हवेली’ से भी एक अलग मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यहां भी खुदाई का काम उसी ठेकेदार ने कराया था। हवेली से जुड़े पुराने परिवार का दावा है कि खुदाई के दौरान एक बड़ी और एक छोटी तिजोरी मिली। उनके अनुसार, बड़ी तिजोरी मौके पर खोली गई, लेकिन उसमें कुछ नहीं था। वहीं आरोप है कि छोटी तिजोरी को ठेकेदार और जेसीबी चालक कथित रूप से वहां से ले गए। परिवार का कहना है कि पीढ़ियों से इस हवेली के तहखानों में सोने-चांदी का खजाना होने की कहानियां सुनाई जाती रही हैं। इसी वजह से उन्हें संदेह है कि हवेली में कोई महत्वपूर्ण वस्तु मौजूद हो सकती थी।

नए मालिक ने दावों को बताया निराधार

दूसरी ओर, बंबई वालों की हवेली के वर्तमान मालिक ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि खुदाई के दौरान मिली तिजोरी सभी संबंधित लोगों की मौजूदगी में खोली गई थी और उसमें केवल मलबा व बेकार सामग्री मिली थी। उन्होंने किसी भी प्रकार का खजाना मिलने से इनकार किया है।

पुलिस क्या कह रही है?

माणक चौक थाना प्रभारी राकेश ख्यालिया के अनुसार, दोनों मामलों की परिस्थितियां अलग-अलग हैं। उन्होंने बताया कि पहले मामले में शिकायत मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। संबंधित लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है और सभी पक्षों से पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, बंबई वालों की हवेली के मामले में अब तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस के अनुसार, न तो कोई तिजोरी उनके पास लाई गई है और न ही जांच शुरू करने के लिए पर्याप्त कानूनी आधार उपलब्ध है।

दोनों मामलों में खजाना मिलने के दावों की अब तक किसी सरकारी एजेंसी या पुलिस ने पुष्टि नहीं की है। पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तव में कोई मूल्यवान खजाना मिला था या यह केवल दावों और अफवाहों तक सीमित मामला है।

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