चंडीगढ़: पंजाब अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री भगवंत मान को सौंपा है। गढ़ी ने 26 अगस्त 2026 को पद छोड़ने का फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री से उनका इस्तीफा स्वीकार करने का अनुरोध किया।

गढ़ी के इस्तीफे के साथ ही पंजाब की राजनीति में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। खास तौर पर चमकौर साहिब विधानसभा सीट को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं। इस्तीफे से एक दिन पहले आम आदमी पार्टी ने गढ़ी को चमकौर साहिब का हलका प्रभारी नियुक्त किया था।

चमकौर साहिब में AAP ने दी नई जिम्मेदारी

चमकौर साहिब सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है और फिलहाल यहां से आम आदमी पार्टी के विधायक डॉ. चरणजीत सिंह हैं। उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को 7,900 से अधिक मतों के अंतर से हराया था। इससे पहले चन्नी 2007, 2012 और 2017 में इस सीट से चुनाव जीत चुके हैं।

पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, किसी मौजूदा विधायक के क्षेत्र में किसी दूसरे नेता को हलका प्रभारी बनाए जाने को कई बार आगामी चुनाव में संभावित उम्मीदवार बदलाव से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, AAP पदाधिकारियों की ओर से इसे संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की सामान्य प्रक्रिया बताया गया है।

दलित राजनीति में गढ़ी की मजबूत पकड़

जसवीर सिंह गढ़ी को पंजाब की दलित राजनीति में जमीनी पकड़ रखने वाला नेता माना जाता है। सरकारी पशु चिकित्सा निरीक्षक के पद पर काम कर चुके गढ़ी ने 2019 में नौकरी छोड़ दी थी। इसके बाद उन्होंने बहुजन समाज पार्टी की पंजाब इकाई में सक्रिय भूमिका निभाई और करीब पांच वर्षों तक पार्टी का नेतृत्व किया।

नवंबर 2024 में बसपा ने उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इसके बाद गढ़ी ने 1 जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री भगवंत मान की मौजूदगी में आम आदमी पार्टी का दामन थामा। करीब दो महीने बाद उन्हें पंजाब अनुसूचित जाति आयोग का चेयरमैन नियुक्त किया गया था।

आयोग के चेयरमैन रहते विपक्षी नेताओं पर रहे हमलावर

अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष के रूप में गढ़ी कई राजनीतिक विवादों को लेकर सक्रिय रहे। उन्होंने कांग्रेस और भाजपा से जुड़े कई नेताओं को कथित जातिगत टिप्पणियों के मामलों में तलब किया।

उन्होंने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से दिवंगत पूर्व केंद्रीय मंत्री बूटा सिंह को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर लिखित जवाब मांगा था। वहीं, विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा को भी अलग-अलग मामलों में आयोग के सामने पेश होने के लिए तलब किया गया था।

धूरी नगर निगम चुनाव से जुड़े कथित जातिवादी टिप्पणी के विवाद में भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू को भी आयोग ने तलब किया था। बिट्टू की ओर से सार्वजनिक माफी मांगे जाने के बावजूद गढ़ी ने संगरूर पुलिस की शुरुआती रिपोर्ट को असंतोषजनक बताते हुए खारिज कर दिया था।

अब चेयरमैन पद से इस्तीफे और चमकौर साहिब में नई संगठनात्मक जिम्मेदारी मिलने के बाद गढ़ी की भूमिका को 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव के लिहाज से अहम माना जा रहा है। हालांकि, चमकौर साहिब से उम्मीदवार बदलने को लेकर AAP की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।