कुंदन कुमार, पटना। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के वरिष्ठ नेता और MLC नीरज कुमार ने शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने तेजस्वी पर झूठ फैलाने और पिता के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए उन्हें 24 घंटे के अंदर अपने हालिया ट्वीट के लिए सार्वजनिक माफी मांगने की चेतावनी दी है।

​ट्वीट बबुआ और मानसिक दिवालियापन

​नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव को तंज कसते हुए ट्वीट बबुआ करार दिया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव ने शायद कसम खा रखी है कि वे कभी नहीं सुधरेंगे। MLC ने कहा कि एक तरफ पूरा बिहार लालू प्रसाद यादव के जन्मदिन पर उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना कर रहा था, वहीं दूसरी तरफ तेजस्वी यादव एकादशी जैसे पवित्र दिन पर भी झूठ बोलने से बाज नहीं आए। नीरज कुमार ने कटाक्ष करते हुए कहा कि शायद तेजस्वी पर भी अब ‘झालमुढ़ी’ का असर हो गया है। उन्होंने तंज कसा कि तेजस्वी का काम सिर्फ ट्वीट करना है, उन्हें जमीनी हकीकत का कोई ज्ञान नहीं है।

​VVIP टॉयलेट और आकस्मिक निधि पर सफाई

​तेजस्वी यादव द्वारा नीतीश कुमार की यात्रा के दौरान VVIP टॉयलेट पर सात लाख रुपये से अधिक खर्च करने के लगाए गए आरोपों को नीरज कुमार ने पूरी तरह बेबुनियाद और निराधार बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता का यह आरोप केवल उनकी अज्ञानता और मानसिक दिवालियापन को दर्शाता है।
​नीरज कुमार ने स्पष्ट किया कि आकस्मिक निधि से राशि निकालना सरकार का संवैधानिक अधिकार है और यह प्रक्रिया नियमानुसार ही अपनाई जाती है। उन्होंने तेजस्वी को सलाह दी कि वे राजनीति में ओछे बयान देने से पहले अब्दुल बारी सिद्दीकी जैसे अनुभवी नेताओं से संवैधानिक प्रक्रियाओं की जानकारी ले लिया करें।

​बिहार को कंगाल बताने का दुष्प्रचार

​बिहार की वित्तीय स्थिति को लेकर तेजस्वी द्वारा दिए गए बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए नीरज कुमार ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी जन-कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च करने को लेकर सरकार पर सवाल उठाना गलत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार जनता के हित के लिए प्रतिबद्ध है और तेजस्वी का यह दावा कि पेंशन देने से बिहार कंगाल हो गया है, जनता को भ्रमित करने वाला है।
​अंत में नीरज कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि तेजस्वी यादव अपने अनर्गल और भ्रामक ट्वीट के लिए 24 घंटे के भीतर माफी नहीं मांगते हैं, तो यह उनकी राजनीतिक अपरिपक्वता का सबसे बड़ा प्रमाण होगा।