लखनऊ. उत्तर प्रदेश में दूध से बने डेयरी उत्पादों के नाम पर गैर-डेयरी सामग्री से तैयार प्रोडक्ट बेचने वालों पर सरकार ने शिकंजा कस दिया है. राज्य सरकार ने एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर रोक लगा दी है. इसके बाद अब नकली या गैर-दुग्ध सामग्री से तैयार पनीर, घी, क्रीम, छेना और खोया जैसे उत्पादों की बिक्री पर कार्रवाई की जाएगी.
सरकार ने यह कदम खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत उठाया है. इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को असली दूध से बने उत्पादों के नाम पर बेचे जा रहे गैर-डेयरी सामान से बचाना और खाद्य गुणवत्ता को सुनिश्चित करना है.
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क्या है एनालॉग डेयरी उत्पाद?
एनालॉग डेयरी उत्पाद (Dairy Analogue) वे कृत्रिम या नकली खाद्य पदार्थ होते हैं जो रूप, रंग और स्वाद में असली दूध और डेयरी उत्पादों (जैसे पनीर, घी, खोया, क्रीम) जैसे दिखते हैं, लेकिन इन्हें बनाने में दूध के बजाय वनस्पति तेल (जैसे पाम ऑयल), स्टार्च, और केमिकल पदार्थों का उपयोग किया जाता है.
पनीर, घी और खोया के नाम पर बिकने वाले एनालॉग प्रोडक्ट पर रोक
सरकार के आदेश के तहत एनालॉग पनीर, एनालॉग क्रीम, एनालॉग घी, एनालॉग छेना और एनालॉग खोया समेत सभी ऐसे उत्पादों को प्रतिबंधित किया गया है, जो दूध की जगह अन्य सामग्री से तैयार किए जाते हैं लेकिन उन्हें डेयरी प्रोडक्ट के रूप में बाजार में बेचा जाता है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सामान्य पनीर, घी या खोया की बिक्री पर रोक लगा दी गई है. जो उत्पाद निर्धारित मानकों के अनुसार असली दूध से तैयार किए जाएंगे, उनकी बिक्री पहले की तरह जारी रहेगी.
त्योहारों से पहले बढ़ेगी खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी
त्योहारों के सीजन में पनीर, खोया, घी और छेना जैसे डेयरी उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ जाती है. इसी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने निगरानी बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है. अधिकारियों के मुताबिक बाजारों, दुकानों, गोदामों और उत्पादन इकाइयों की जांच की जाएगी. खासतौर पर उन जगहों पर नजर रखी जाएगी जहां कम लागत में बड़ी मात्रा में डेयरी उत्पाद तैयार कर बाजार में भेजे जाते हैं. विभाग का कहना है कि मिलावट पाए जाने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी.
दुकान से फैक्ट्री तक होगी जांच, मिलावट पर सख्त कार्रवाई
अधिकारियों ने साफ किया है कि कार्रवाई सिर्फ एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट तक सीमित नहीं रहेगी. खाद्य सामग्री में किसी भी तरह की मिलावट मिलने पर संबंधित व्यक्ति या संस्था पर कार्रवाई होगी. यदि किसी दुकान पर मिलावटी खाद्य सामग्री मिलती है तो दुकान संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. वहीं गोदाम या फैक्ट्री स्तर पर गड़बड़ी मिलने पर उसे सील करने की कार्रवाई भी की जा सकती है. खाद्य विभाग का कहना है कि खाद्य पदार्थों में केमिकल या हानिकारक सामग्री की मिलावट लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है.
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सरकार का मकसद- उपभोक्ताओं को मिले असली डेयरी प्रोडक्ट
सरकार का कहना है कि दूध और उससे बने उत्पाद आम लोगों के दैनिक जीवन का अहम हिस्सा हैं. ऐसे में उनकी गुणवत्ता और शुद्धता बनाए रखना जरूरी है. एनालॉग डेयरी उत्पादों पर रोक लगाकर सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि बाजार में ग्राहकों को असली डेयरी उत्पाद ही मिलें. आने वाले दिनों में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें लगातार निरीक्षण कर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करेंगी.


