कुंदन कुमार, पटना। बिहार की राजनीति में विधान परिषद (MLC) चुनाव को लेकर जनता दल यूनाइटेड (JDU) के भीतर घमासान मचा हुआ है। पार्टी के बाहुबली विधायक अनंत सिंह द्वारा पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी के वर्तमान एमएलसी नीरज कुमार के खिलाफ दिए गए तीखे बयानों और दूसरे प्रत्याशी को समर्थन के ऐलान के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। इस आंतरिक कलह को थामने और डैमेज कंट्रोल के तहत जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने तत्काल प्रभाव से पार्टी कार्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई।
इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने के लिए विधायक अनंत सिंह और विधान पार्षद नीरज कुमार दोनों को ही पार्टी मुख्यालय तलब किया गया था। हालांकि, जब अनंत सिंह पार्टी कार्यालय पहुंचे, तो उन्होंने मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया और पूरी तरह से चुप्पी साधे रखी। सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश अध्यक्ष ने बंद कमरे में दोनों नेताओं से अलग-अलग और आमने-सामने बात कर मामले को शांत कराने का प्रयास किया है, ताकि आगामी चुनाव में पार्टी की किरकिरी न हो।

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का विवाद और बयानों के मायने
पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने आगामी एमएलसी चुनाव के संदर्भ में एक बड़ा और चौंकाने वाला बयान दिया। उन्होंने पार्टी के सीनियर लीडर और मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार की उम्मीदवारी को लेकर खुलकर असंतोष जताया था। अनंत सिंह के इस कदम से पार्टी के भीतरखाने असहजता पैदा हो गई, क्योंकि चुनाव के ठीक पहले एक वरिष्ठ विधायक का अपनी ही पार्टी के अधिकृत और कद्दावर चेहरे के खिलाफ इस तरह का खुला विरोध विपक्ष को बैठे-बिठाए मुद्दा दे रहा है।
पार्टी नेतृत्व इस बात से चिंतित है कि यदि इस आपसी खींचतान को समय रहते नहीं सुलझाया गया, तो इसका सीधा असर चुनावी नतीजों पर पड़ सकता है। यही वजह है कि प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने खुद पहल करते हुए दोनों नेताओं को तलब किया और पार्टी अनुशासन का हवाला देते हुए गिले-शिकवे दूर करने की हिदायत दी। फिलहाल, पार्टी आलाकमान की इस कोशिश के बाद अंदरखाने सुलह की कोशिशें जारी हैं, लेकिन अनंत सिंह की चुप्पी ने राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म कर रखा है।



