कुंदन कुमार/पटना। शुक्रवार को सत्ताधारी दल जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के प्रदेश कार्यालय के बाहर राज्य भर से आई जीविका दीदियों ने जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया। अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरीं इन महिलाओं ने राज्य सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया और अपनी मांगों को पूरा करने के लिए हुंकार भरी।
6 महीने से मानदेय का अता-पता नहीं
प्रदर्शनकारी जीविका दीदियों का मुख्य आरोप यह है कि उन्हें पिछले छह महीनों से उनका पारिश्रमिक (मानदेय) नहीं मिला है। भारी गर्मी और उमस के बावजूद, विभिन्न जिलों से आई ये महिलाएं काफी आक्रोशित दिखीं। उन्होंने कहा कि पहले ही उन्हें केवल 6,000 रुपये मिलते हैं जो इस महंगाई के दौर में उनके परिवार का भरण-पोषण करने के लिए नाकाफी हैं। ऊपर से महीनों तक पैसे न मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति बदतर हो गई है।
मानदेय बढ़ाकर 25 हजार करने की मांग
जीविका दीदियों ने प्रदर्शन के दौरान स्पष्ट किया कि मौजूदा 6,000 रुपये में काम चलाना अब असंभव है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उनका मानदेय बढ़ाकर कम से कम 25,000 रुपये प्रति माह किया जाए। उनका कहना है कि वे पूरे समर्पण के साथ स्वयं सहायता समूहों का गठन कर रही हैं और सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतार रही हैं, लेकिन बदले में उन्हें केवल आश्वासन और देरी मिल रही है।
जब तक मांगे पूरी नहीं, तब तक आंदोलन जारी
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक उनके पिछले छह महीने के बकाया पैसे का भुगतान नहीं किया जाता और मानदेय बढ़ाने का ठोस निर्णय नहीं लिया जाता तब तक वे चुप नहीं बैठेंगी। उन्होंने कहा हम लगातार प्रदर्शन करेंगे यह हमारा हक है। सरकार को हमारी मेहनत का सम्मान करना ही होगा।
यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण का बड़ा दावा करती है। अब देखना यह होगा कि जेडीयू नेतृत्व और राज्य सरकार इन जीविका दीदियों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है। फिलहाल प्रदर्शन स्थल पर गहमागहमी का माहौल है और बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।

