पटना। ​नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर देश की राजधानी दिल्ली में राजनीति गर्मा गई है। प्रधानमंत्री आवास के पास विपक्ष के जोरदार प्रदर्शन और हंगामे पर जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर विपक्ष, खासकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार किया है।

​सड़क पर हंगामा लोकतांत्रिक नहीं, अराजकता है: संजय झा

​संजय झा ने विपक्ष के आक्रामक तेवर पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तीखा पोस्ट साझा किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संसद के सत्र के दौरान सदन से दूरी बनाकर सड़क पर हंगामा करना किसी भी तरह से लोकतांत्रिक विरोध नहीं कहा जा सकता। उन्होंने इसे सीधे तौर पर देश में अराजकता फैलाने की सुनियोजित कोशिश करार दिया है।

​दशकों पुरानी समस्या है पेपर लीक, कड़े कानूनों की जरूरत

​अपने बयान में जेडीयू नेता ने माना कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा का पेपर लीक होना छात्रों और समाज के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने अतीत का हवाला देते हुए कहा कि राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर आयोजित होने वाली विभिन्न परीक्षाएं लंबे समय से ऐसी समस्याओं का सामना करती रही हैं। ऐसे में इस तरह की घटनाओं पर हमेशा के लिए लगाम लगाने के लिए बेहद सख्त कानूनों और एक मजबूत व्यवस्था को स्थापित करने की जरूरत है।

​पीएम मोदी का संकल्प: दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

​NEET मामले पर केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए संजय झा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात को लेकर पूरी तरह स्थिति स्पष्ट कर दी है कि इस आपराधिक कृत्य में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि इस मामले में लिप्त तमाम दोषियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने जानकारी दी कि जांच एजेंसियां इस पर लगातार काम कर रही हैं और अब तक कई लोगों को हिरासत में भी लिया जा चुका है।

​संसद में चर्चा से क्यों भाग रहा है विपक्ष?

​वर्तमान राजनीतिक हालात और संसद के सत्र का जिक्र करते हुए संजय झा ने कहा कि इस समय संसद का मानसून सत्र चल रहा है। केंद्र की एनडीए सरकार नीट पेपर लीक मामले के साथ-साथ शिक्षा और परीक्षा प्रणाली से जुड़े हर एक जरूरी मुद्दे पर संसद के भीतर खुली चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बड़ा दावा करते हुए कहा कि सरकार की यह मंशा और तैयारी विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भी पूरी स्पष्टता के साथ बता दी गई थी इसके बावजूद सदन में चर्चा से बचने का रास्ता चुना जा रहा है।