“Actions reveal intentions.” अपने कर्मों से पहचाना जाता है इंसान. याद रखिए, चालकी के साथ शब्दों को सजाया जा सकता है, मन की भावनाओं को अभिनय का रूप दिया जा सकता है, वादों को खूबसूरत रंग-रूप दिया जा सकता है लेकिन अपने कर्मों को लंबे समय तक छिपाया नहीं जा सकता.समाज के अनुभवी यही कहते हैं कि किसी व्यक्ति के इरादों को समझना हो तो उसकी बातें कम और उसके व्यवहार को अधिक देखना चाहिए.

मुझे आपकी परवाह है कहते नही थकने वालों में कितने लोग थे जो आपके बुरे दौर में आपके साथ रहे. बातें नही कर्म बताता है सच. बार-बार माफी मांगकर भी अगर वही गलती दोहराई जाए तो वह माफ़ी किसी परले दर्ज़े के बकवास से कम नही.

कठोपनिषद से लिया गया एक महत्वपूर्ण दार्शनिक सूत्र है,’यथा कर्म यथा श्रुतं’ जिसका अर्थ है कि मनुष्य जैसे कर्म करता है और जैसा ज्ञान या संस्कार ग्रहण करता है, उसकी भविष्य की स्थिति और योनि का निर्धारण भी उसी के अनुसार होता है.मनुष्य जैसा कर्म करता है और जैसा आचरण करता है उसी के अनुरूप उसका स्वरूप बनता है.

भरोसेमंद होने के लिए भी शब्द नही कर्म की ही ज़रूरत होती है. कर्म का सिद्धांत रिश्तों से लेकर व्यवसाय और सार्वजनिक जीवन तक लागू होता है. कंपनियां विज्ञापनों के माध्यम से वादे करती हैं लेकिन उनकी वास्तविक पहचान उनके उत्पाद की गुणवत्ता से ही बनती है. वर्तमान सरकार का उदाहरण सामने है राजनीति और लोकतंत्र में जनता भाषणों से अधिक ज़मीन पर हुए काम को महत्व देती है. आरोप-प्रत्यारोप के बावजूद भी विकास, जनसेवा और परिणाम के आधार पर ही नेतृत्व का चयन किया जाता है. संस्कृत के प्रसिद्ध श्लोक

”उद्यमेन हि सिद्ध्यन्ति कार्याणि न मनोरथैः न हि सुप्तस्य सिंहस्य प्रविशन्ति मुखे मृगाः”

इसका सरल अर्थ है कर्म केवल परिश्रम से पूरे होते हैं केवल मन में इच्छा करने या सपने देखने से नहीं. जिस प्रकार सोते हुए शेर के मुँह में हिरण स्वयं आकर नहीं प्रवेश करता.

कहना आसान है, करना कठिन बोलचाल में प्रयुक्त होने वाली यह पंक्ति जितनी सरल लगती है उतनी ही गहरी भी है. बिना जताए किसी के लिए समय निकालना, जिम्मेदारी निभाना और कठिन परिस्थिति में साथ खड़ा होना सच्चे इरादों की सबसे बड़ी अभिव्यक्ति है. जीवन का सबसे सरल सूत्र यही है शब्द सुनिए ज़रूर मगर निर्णय कर्म देखकर कीजिए क्योंकि कर्म ही इरादों का सच्चा आईना है.

संदीप अखिल

सलाहकार संपादक

न्यूज़ 24 मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़/लल्लूराम डॉट कॉम

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