झज्जर। चोरी के शक में तीन प्रवासी मजदूरों को कथित तौर पर बंधक बनाकर पीटने और प्रताड़ित करने के मामले ने पुलिस महकमे में भी हलचल पैदा कर दी है। मामले में आरोपी पुलिस इंस्पेक्टर सुरेंद्र के खिलाफ FIR दर्ज करने के साथ उसे लाइन हाजिर कर दिया गया है। शिकायत में मजदूरों से चोरी कबूल करवाने के लिए मारपीट, जातिसूचक अपशब्दों का इस्तेमाल और अमानवीय तरीके से प्रताड़ित करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

मामला झज्जर के मुंडाखेड़ा गांव से जुड़ा है। एफआईआर के अनुसार उत्तर प्रदेश के तीन मजदूरों को चोरी के संदेह में पूछताछ के लिए थाना बादली बुलाया गया था। आरोप है कि उन्हें एक कमरे में ले जाकर मारपीट की गई। शिकायत में दावा किया गया है कि मजदूरों को जातिसूचक गालियां दी गईं और जमीन पर थूककर जबरन चटवाया गया। मारपीट के दौरान एक मजदूर के बेहोश होने की बात भी शिकायत में कही गई है।

मजदूरों से पांच लाख रुपये मांगने का आरोप भी लगाया गया है। थाना बादली पुलिस ने 19 अगस्त को दर्ज एफआईआर में उत्तम, पारस, भूप सिंह, पुलिसकर्मी सुरेंद्र समेत पांच लोगों को आरोपी बनाया है। मामले में एससी-एसटी एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है।

डीसीपी मयंक मिश्रा ने कहा कि शिकायत के आधार पर प्रारंभिक कार्रवाई की गई है और पूरे मामले की तह तक पहुंचने के लिए जांच जारी है।