Jhalawar Roadways: राजस्थान रोडवेज का Jhalawar Roadways Depot एक बार फिर विवादों में है। इस बार मामला खाटूश्यामजी रूट पर चलने वाली रोडवेज बस से जुड़ा है, जहां आकस्मिक जांच के दौरान 75 में से 68 यात्री बिना टिकट यात्रा करते मिले। घटना के बाद राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (RSRTC) में हड़कंप मच गया है। साथ ही सवाल उठ रहे हैं कि यात्रियों से किराया वसूला गया था या नहीं, और यदि वसूला गया तो उसकी राशि कहां गई।

जयपुर की फ्लाइंग टीम ने पकड़ी गड़बड़ी

जयपुर से पहुंची राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (RSRTC) की केंद्रीय फ्लाइंग टीम ने खाटूश्यामजी रूट पर संचालित बस की अचानक जांच की। जांच में सामने आया कि बस में सफर कर रहे 75 यात्रियों में से 68 के पास वैध टिकट नहीं था। इतनी बड़ी संख्या में बेटिकट यात्री मिलने के बाद मामला सीधे रोडवेज मुख्यालय तक पहुंच गया।

26 अनुबंधित कार्मिकों की सेवाएं समाप्त

जांच रिपोर्ट मिलने के बाद झालावाड़ डिपो प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 26 अनुबंधित कार्मिकों की सेवाएं समाप्त कर दीं। यातायात प्रबंधक पवन सैनी ने कहा कि यात्रियों को टिकट जारी करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी फ्लाइंग टीमों की नियमित निगरानी जारी रहेगी।

कंडक्टरों की कमी बनी बड़ी चुनौती

डिपो अधिकारियों के अनुसार, झालावाड़ डिपो में फिलहाल केवल 40 नियमित कंडक्टर कार्यरत हैं, जबकि आवश्यकता 84 कंडक्टरों की है। इसी कमी को पूरा करने के लिए 1 जुलाई से बस सारथियों को अनुबंध पर रखा गया था। उन्हें ₹12,000 प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा था।

अब सिविल डिफेंस जवान संभालेंगे जिम्मेदारी

सहायक संभाग प्रबंधक नंदकिशोर ने बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत करीब 50 सिविल डिफेंस जवानों को अनुबंध पर नियुक्त करने का निर्णय लिया गया है। इन जवानों को रोडवेज बसों के संचालन में लगाया जाएगा और उन्हें ₹24,000 प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा।

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