हरियाणा के जींद में ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने नियमित करने और वेतन वृद्धि सहित अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर नेहरू पार्क में रोष सभा की और सरकार का पुतला फूंका।
संजय कुमार, जींद। जिले में अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। अपनी मांगों के समर्थन में ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने वीरवार को एकत्रित होकर जोरदार रोष प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने हरियाणा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सरकार के पुतले की शव यात्रा निकालकर उसका दहन किया। इस उग्र प्रदर्शन को अमलीजामा पहनाने से पहले सभी ग्रामीण सफाई कर्मचारी शहर के नेहरू पार्क में एकत्रित हुए, जहां एक विशाल रोष सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में जिले भर से आए कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
19 वर्षों से भयंकर शोषण और मुख्य मांगों का अंबार
रोष सभा को संबोधित करते हुए जिला प्रधान ने सरकार पर तीखे प्रहार किए और कहा कि पिछले 19 साल से ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का भयंकर शोषण किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को न तो पक्के कर्मचारी का दर्जा दिया जा रहा है और ना ही पूरा वेतन दिया जा रहा है, जिसके कारण शहरी और ग्रामीण सफाई कर्मचारी लगातार आंदोलन करने को मजबूर हैं। कर्मचारियों की मुख्य मांगों में पॉलिसी बनाकर नियमित करना, 31 दिसंबर 2025 के उच्च न्यायालय के आदेश को पूरी तरह लागू करना, प्रत्येक 400 की आबादी पर एक स्थाई कर्मचारी की भर्ती करना और मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में घोषित 26 हजार व 27 हजार रुपये मासिक वेतन को धरातल पर लागू करना शामिल है।
एक्सग्रेसिया नीति और मुआवजे के हक के लिए आंदोल
अपनी मांगों के विस्तार में कर्मचारियों ने मांग की कि कच्चे सफाई कर्मियों को एक कलम से पक्का किया जाए। इसके साथ ही वर्दी भत्ता, धुलाई भत्ता और काम के औजारों के भत्ते में सम्मानजनक बढ़ोतरी की जाए तथा सफाई कर्मियों को गुड, तेल और साबुन का मासिक भत्ता अनिवार्य रूप से दिया जाए। कर्मचारी नेताओं ने एक्सग्रेसिया पॉलिसी लागू करने और किसी भी कर्मचारी की साधारण मृत्यु पर 20 लाख रुपये तथा दुर्घटना में मौत होने पर 50 लाख रुपये की मुआवजा राशि के साथ आश्रित को स्थाई नौकरी देने की वकालत की। इसके अलावा सेवानिवृत्ति के समय कर्मचारियों को एकमुश्त 10 लाख रुपये की राशि और ग्रेच्यूटी का पूरा लाभ प्रदान करने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई गई।

