संजय कुमार, जींद। नगरपालिका सफाई कर्मचारियों और अग्निशमन कर्मचारियों की 25 दिन से जारी हड़ताल के समर्थन में रविवार को सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने जिला स्तरीय धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के साथ पटवारी-कानूनगो एसोसिएशन, रिटायर्ड कर्मचारी और किसान सभा के प्रतिनिधि शामिल हुए। कर्मचारियों ने हरियाणा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर बातचीत से हड़ताल का समाधान करने और लंबित मांगें जल्द पूरी करने की मांग की।

बिजली कर्मचारियों के संघर्ष मोर्चा ने दिया समर्थन

धरने की अध्यक्षता सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान संजीव ढांडा ने की। उन्होंने बताया कि सफाई और अग्निशमन कर्मचारियों की हड़ताल को हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संघर्ष मोर्चा ने भी समर्थन दिया है। सीटू संगठन भी आंदोलन के समर्थन में है।

संजीव ढांडा के मुताबिक, हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संघर्ष मोर्चा की ओर से प्रदेश की सभी 90 विधानसभा सीटों पर विधायकों को कर्मचारियों की मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपे गए हैं। जींद में डिप्टी स्पीकर के प्रतिनिधि राजन चिल्लाना को भी ज्ञापन देकर कर्मचारियों की समस्याओं से अवगत कराया गया।

सरकार पर लगाया मांगों की अनदेखी का आरोप

संजीव ढांडा ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों की मांगों को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि हड़ताल कर रहे कर्मचारियों को हिरासत में लिया जा रहा है और आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए होना चाहिए। ढांडा के अनुसार, गेस्ट टीचर लंबे समय से धरने पर हैं। नगरपालिका और अग्निशमन कर्मचारी 25 दिन से आंदोलन कर रहे हैं। वहीं पटवारी और कानूनगो नए पोर्टल की खामियों और स्टाफ की कमी को लेकर धरना दे रहे हैं।

31 अगस्त से आंदोलन तेज करने की चेतावनी

कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि हड़ताली कर्मचारियों की मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ तो 31 अगस्त से 3 सितंबर तक विधानसभा सत्र के दौरान स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल के आवास के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा।

नेताओं ने कहा कि इसके बाद भी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो मंत्रियों के आवासों के बाहर रात्रि जागरण सहित बड़े आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं। इनमें कच्चे कर्मचारियों को नियमित करना और 13 मई के समझौते को लागू करना प्रमुख है।

  • कच्चे कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
  • 13 मई के समझौते को लागू किया जाए।
  • गेस्ट टीचरों को पक्का किया जाए।
  • पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए।
  • खाली पदों पर नियमित भर्ती की जाए।
  • बिजली निगमों के निजीकरण पर रोक लगाई जाए।
  • नए श्रम कानून और बिजली बिल 2025 को रद्द किया जाए।
  • कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू की जाए।
  • 2022 से लंबित डीए एरियर का भुगतान किया जाए।

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