Business Desk – Jindal Steel Q1 Results : जिंदल ग्रुप की प्रमुख स्टील कंपनी जिंदल स्टील ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के लिए यह तिमाही मुनाफे के लिहाज से कमजोर रही। मेंटेनेंस शटडाउन की वजह से उत्पादन और बिक्री प्रभावित हुई, जिसका सीधा असर कंपनी के नेट प्रॉफिट पर पड़ा। हालांकि राहत की बात यह रही कि कंपनी का रेवेन्यू मजबूत बढ़त के साथ आगे बढ़ा। अब इन नतीजों के बाद सोमवार, 27 जुलाई को शेयर बाजार खुलने पर कंपनी के शेयरों पर निवेशकों की खास नजर रहेगी।

शुक्रवार को रिजल्ट जारी होने से पहले कमजोर बाजार के बीच बीएसई पर जिंदल स्टील का शेयर 0.40 फीसदी की गिरावट के साथ 1,035.95 रुपए पर बंद हुआ था। ऐसे में अब देखना होगा कि तिमाही नतीजों पर बाजार कैसी प्रतिक्रिया देता है।
44 फीसदी घटा मुनाफा, लेकिन रेवेन्यू में 26 फीसदी की बढ़ोतरी
जिंदल स्टील का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट जून तिमाही में सालाना आधार पर 43.6 फीसदी घटकर 844 करोड़ रुपए रह गया। पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में यह बड़ी गिरावट मानी जा रही है।
इसके उलट कंपनी की कुल आय (Revenue) में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। जून तिमाही में रेवेन्यू 25.9 फीसदी बढ़कर 15,482 करोड़ रुपए पहुंच गया। यानी बिक्री से कमाई बढ़ी, लेकिन उत्पादन में आई बाधा और लागत के दबाव ने मुनाफे को प्रभावित किया।
EBITDA और मार्जिन भी हुए कमजोर
ऑपरेटिंग प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी का EBITDA 11.5 फीसदी घटकर 2,660.4 करोड़ रुपए रह गया। वहीं EBITDA मार्जिन भी पिछले साल के 24.43 फीसदी से घटकर 17.18 फीसदी पर आ गया। इससे साफ है कि कंपनी की ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी पर भी दबाव बना रहा।
मेंटेनेंस शटडाउन का पड़ा सीधा असर
कंपनी ने बताया कि जून तिमाही में कुछ प्रमुख उत्पादन इकाइयों में मेंटेनेंस शटडाउन किया गया था। इसी वजह से स्टील उत्पादन और बिक्री दोनों प्रभावित हुए।
जून 2026 तिमाही में कंपनी का स्टील प्रोडक्शन तिमाही आधार पर 10 फीसदी घटकर 24 लाख टन रह गया। वहीं स्टील की बिक्री 15 फीसदी गिरकर 22.3 लाख टन पर आ गई।
हालांकि इस दौरान कंपनी ने वैल्यू एडेड स्टील (VAS) पर अपना फोकस बढ़ाया। कुल बिक्री में VAS की हिस्सेदारी 61 फीसदी से बढ़कर 66 फीसदी हो गई। वहीं निर्यात की हिस्सेदारी भी 5 फीसदी से बढ़कर 9 फीसदी पहुंच गई, जो कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
कर्ज घटा, लेकिन लेवरेज थोड़ा बढ़ा
जिंदल स्टील ने तिमाही के दौरान अपने कर्ज में भी मामूली कमी की। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट डेट 16,019 करोड़ रुपए से घटकर 15,927 करोड़ रुपए रह गया। हालांकि EBITDA में कमी आने की वजह से नेट डेट टू EBITDA अनुपात बढ़कर 1.71x हो गया, जो पिछली तिमाही में 1.66x था। इस दौरान कंपनी ने विस्तार योजनाओं पर निवेश जारी रखा और जून तिमाही में 1,959 करोड़ रुपए का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) किया।
एक साल में कैसी रही शेयर की चाल?
पिछले एक साल में जिंदल स्टील के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली है। 1 अगस्त 2025 को बीएसई पर कंपनी का शेयर 942.65 रुपए के एक साल के निचले स्तर पर था। इसके बाद अगले करीब आठ महीनों में शेयर ने मजबूत रिकवरी की और 21 अप्रैल 2026 को 1,306 रुपए के एक साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। हालांकि इसके बाद शेयर में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली और शुक्रवार को यह 1,035.95 रुपए पर बंद हुआ।
सोमवार को शेयर पर क्यों रहेगी नजर?
तिमाही नतीजों में एक ओर मुनाफे में करीब 44 फीसदी की गिरावट और उत्पादन-बिक्री में कमी देखने को मिली है, जबकि दूसरी ओर रेवेन्यू में 26 फीसदी की बढ़ोतरी, वैल्यू एडेड स्टील की हिस्सेदारी बढ़ना, निर्यात में सुधार और कर्ज में कमी जैसे सकारात्मक संकेत भी सामने आए हैं।
ऐसे में सोमवार, 27 जुलाई को बाजार खुलने पर निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि बाजार इन मिले-जुले नतीजों को किस तरह लेता है और जिंदल स्टील के शेयरों में कैसी चाल देखने को मिलती है।


