Jodhpur News: राजस्थान के जोधपुर स्थित उम्मेद अस्पताल में दो दिनों के भीतर पांच प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार सभी महिलाओं को अलग-अलग अस्पतालों से गंभीर स्थिति में रेफर किया गया था। इनमें 3 प्रसूताएं आईसीयू में भर्ती हैं, जबकि एक महिला वेंटिलेटर सपोर्ट पर है।

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि शुरुआती जांच में किसी भी दवा को लेकर कोई समान कारण सामने नहीं आया है। सभी मरीजों की चिकित्सकीय स्थिति अलग-अलग है और उनका इलाज विशेषज्ञों की निगरानी में जारी है।

ओसियां से रेफर महिला वेंटिलेटर पर

अस्पताल के अनुसार सरोज नाम की महिला को ओसियां से उम्मेद अस्पताल रेफर किया गया था। उसे पहले से हृदय संबंधी समस्या थी। गंभीर स्थिति के कारण डॉक्टरों को सिजेरियन डिलीवरी करनी पड़ी। फिलहाल महिला वेंटिलेटर पर है। अस्पताल का कहना है कि हालत में सुधार होने के बाद एमआरआई जांच कराई जाएगी।

ब्लीडिंग के कारण दूसरी प्रसूता ऑक्सीजन सपोर्ट पर

रेखा को पाली के एक निजी अस्पताल से रेफर किया गया था। उसे अत्यधिक ब्लीडिंग की शिकायत थी। स्थिति गंभीर होने पर उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था। अब उसकी हालत में सुधार होने के बाद वेंटिलेटर हटा दिया गया है। फिलहाल वह ऑक्सीजन सपोर्ट पर है।

पूजा को शेरगढ़ से ब्लीडिंग की शिकायत के बाद उम्मेद अस्पताल लाया गया। उसकी स्थिति को देखते हुए आईसीयू में भर्ती किया गया है। वहीं रोशनी को नागौर के एक निजी अस्पताल से रेफर किया गया। वह उच्च रक्तचाप (बीपी) की मरीज बताई जा रही है। इसी के साथ ही बज्जू को जैतारण के निजी अस्पताल से भेजा गया। उसकी प्लेटलेट्स कम होने के कारण विशेष निगरानी में रखा गया है।

सभी की स्वास्थ्य समस्याएं थीं अलग-अलग

उम्मेद अस्पताल के अधीक्षक डॉ. मोहन मकवाना ने कहा कि सभी प्रसूताएं अलग-अलग अस्पतालों से रेफर होकर आई हैं और उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी अलग-अलग हैं। उन्होंने बताया कि एक मरीज को वेंटिलेटर से हटाया जा चुका है और अन्य मरीजों की स्थिति में भी सुधार हो रहा है। डॉ. मकवाना ने कहा कि सभी मरीजों को अस्पताल में एक जैसी दवाइयां दी जा रही हैं। फिलहाल दवाइयों में किसी प्रकार की गड़बड़ी का कोई संकेत नहीं मिला है। यदि उच्च स्तर से निर्देश मिलते हैं तो दवाओं की जांच भी कराई जाएगी।

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