कुंदन कुमार, पटना। भाजपा हर साल की तरह इस साल भी 25 जून को संविधान हत्या दिवस (काला दिवस) के रूप में मना रही है। पार्टी की ओर से आज गुरुवार (25 जून) को आपातकाल की 51वीं बरसी पर पटना के ज्ञान भवन में संविधान हत्या दिवस मनाया गया।

कार्यक्रम में सीएम सम्राट चौधरी के अलावा बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा, विजय कुमार सिन्हा, बेगूसराय समेत कई नेता मौजूद रहें। इस दौरान बीजेपी नेताओं ने 25 जून 1975 को तत्कालीन भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल को काले अध्याय का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।

राहुल को मांगनी चाहिए माफी- जेपी नड्डा

बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष और जेपी नड्डा ने इस मौके पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा की बात करने से पहले राहुल गांधी को अपनी दादी इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए। आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय था। जेपी नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व संविधान की किताब लेकर घूमते हैं, लेकिन उन्होंने संविधान की एक भी धारा नहीं पढ़ी है।

सीएम ने बताया लोकतंत्र के इतिहास का काला दिन

वहीं, सीएम सम्राट चौधरी ने 25 जून 1975 को लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला और चिंताजनक दिन बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि, आज से लगभग 50 वर्ष पूर्व देश के लोकतंत्र पर गहरा खतरा मंडराया था। अंग्रेजों से आजादी मिलने के बाद कुछ लोगों ने अपनी सत्ता बचाने के लिए लोकतंत्र की हत्या की, जिसे आज पूरा देश ‘संविधान हत्या दिवस’ के तौर पर याद कर रहा है।

उन्होंने कहा कि जब किसी प्रधानमंत्री का स्वयं का चुनाव रद्द हो गया, तो उन्होंने देश पर इमरजेंसी थोप दी। राजनीतिक कार्यकर्ताओं को मीसा कानून के तहत जेल में डाल दिया गया और पत्रकारों की आजादी छीन ली गई। इस तानाशाही के खिलाफ जेपी सेनानियों ने जो आंदोलन किया, वह दुनिया में मिसाल है।

करीब 21 महीने तक लगा रहा आपातकाल

बता दें कि 25 जून 1975 को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आंतरिक सुरक्षा का हवाला देते हुए देश में आपातकाल की घोषणा की थी। इस दौरान लोगों के मौलिक अधिकार छिन लिए गए थे। वहीं, आपातकाल का विरोध करने वाले नेताओं और आम लोगों को जेल में डाल दिया गया था। बिना सूचना अधिकारी की सहमति से कोई भी खबर छापने पर भी रोक लगा दी गई थी। इस दौरान 1 लाख से अधिक लोगों को जेल में डाला गया था। करीब 21 महीने तक देश में आपातकाल लगा रहा।

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