रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही CID को बड़ी सफलता मिली है। गुरुवार को CID की टीम ने मामले में आरोपी सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार को दिल्ली से गिरफ्तार किया। दोनों की गिरफ्तारी CID थाना कांड संख्या 01/2025 के तहत की गई है।
यह मामला 21 और 22 सितंबर 2024 को आयोजित झारखंड स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है।
सेंट्रल दिल्ली से दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी
CID के अनुसार, दोनों आरोपियों को सेंट्रल दिल्ली के बुराड़ी थाना क्षेत्र स्थित संत नगर से पकड़ा गया। गिरफ्तार सोमांश प्रकाश रोहतास जिले के विक्रमगंज का रहने वाला है, जबकि राहुल कुमार वैशाली जिले के महुआ का मूल निवासी बताया गया है।
बेंगाबाद में भी CID की छापेमारी, ASO हिरासत में
CGL मामले की जांच के दौरान CID टीम ने 27 अगस्त की रात गिरिडीह के बेंगाबाद में भी कार्रवाई की। यहां चौक स्थित एक मिठाई दुकान से परीक्षा में सफल ASO समीर उर्फ शालू को हिरासत में लिया गया।
बताया गया कि समीर छुट्टी पर रांची से बेंगाबाद आया था और बाजार स्थित अपने प्रतिष्ठान में परिवार के साथ मौजूद था। CID ने उसके घर से कुछ सामान और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
JPSC कार्यालय से कई दस्तावेज जब्त
जांच को आगे बढ़ाते हुए CID की टीम JPSC कार्यालय भी पहुंची, जहां से कई दस्तावेज जब्त किए गए। इनमें परीक्षार्थियों से जुड़े कागजात शामिल बताए जा रहे हैं।
CID इन दस्तावेजों का अभ्यर्थियों की ओर से उपलब्ध कराई गई OMR शीट से मिलान करेगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व अधिकारियों और कंपनी के कर्मचारियों से पूछताछ
मामले की जांच के दौरान JPSC के पूर्व अध्यक्ष, परीक्षा उपनियंत्रक और TDPL से जुड़े कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई है। निलंबित परीक्षा उपनियंत्रक श्वेता गुप्ता ने भी CID के सामने कई महत्वपूर्ण जानकारी रखी है।
श्वेता गुप्ता ने आरोप लगाया है कि JPSC के पूर्व अध्यक्ष ने कथित दबाव बनाकर TDPL को काम देने के प्रस्ताव पर उनसे हस्ताक्षर कराए थे। उन्होंने TDPL के टिकट पर परिवार के साथ बाहर जाने की बात भी जांच एजेंसी को बताई है।CID अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ, जब्त दस्तावेजों और सामने आए बयानों को आपस में जोड़कर JSSC CGL कथित घोटाले की पूरी कड़ी खंगालने में जुटी है।


