रोहतक में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने विकसित भारत संकल्प सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने दूरसंचार क्षेत्र में भारत की प्रगति और भविष्य की तकनीकी महत्वाकांक्षाओं पर जोर दिया।
रोहतक। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने रोहतक के विकसित भारत संकल्प सम्मेलन में भारत की तकनीकी प्रगति पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत अब तकनीक के मामले में केवल अनुसरण करने वाला देश नहीं, बल्कि विश्व का नेतृत्व करने वाला देश बन गया है। सम्मेलन के दौरान मंत्री ने कहा कि भारत 4जी में अनुयायी था, 5जी में दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चला और अब आने वाली 6जी तकनीक में भारत वैश्विक स्तर पर नेतृत्व करेगा। देश में डिजिटल कनेक्टिविटी और दूरसंचार बुनियादी ढांचे में हो रहे क्रांतिकारी बदलावों का जिक्र करते हुए उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों तक इंटरनेट की पहुंच को आधुनिक भारत की सफलता का आधार बताया।
6जी तकनीक में भारत का नेतृत्व
सिंधिया ने 5जी के विस्तार पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि वर्तमान में भारत में करीब 40 करोड़ लोग 5जी सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। सरकार के प्रयासों से मात्र 22 महीनों के रिकॉर्ड समय में देशभर में साढ़े चार लाख से अधिक टावर स्थापित किए गए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2030 तक देश में 5जी उपभोक्ताओं की संख्या बढ़कर 100 करोड़ यानी एक अरब तक पहुंच जाएगी। मंत्री ने कहा कि डिजिटल क्रांति महानगरों से निकलकर अब देश के हर गांव तक पहुंच रही है, जिससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच की दूरी तेजी से कम हो रही है और 126 करोड़ मोबाइल कनेक्शन इसका प्रमाण हैं।

विकसित भारत का 2047 तक लक्ष्य
आर्थिक मोर्चे पर मंत्री ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत ने अपनी जीडीपी विकास दर को शानदार तरीके से बरकरार रखा है। पिछले 12 वर्षों में लगभग 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालना सरकार की बड़ी उपलब्धि है, साथ ही 81 करोड़ लोगों को मिल रहा मुफ्त राशन खाद्य सुरक्षा की गारंटी दे रहा है। रोहतक दौरे के दौरान उन्होंने देश के सबसे लंबे रेलवे एलिवेटेड ट्रैक का भी निरीक्षण किया, जो 315 करोड़ की लागत से बना है। अंत में उन्होंने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि इसमें सभी 140 करोड़ देशवासियों की सामूहिक सहभागिता सबसे महत्वपूर्ण है।

